Edited By Manisha rana, Updated: 19 Jan, 2026 09:21 AM

फरीदाबाद जिले फर्जी दस्तावेज और नाम बदलकर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा के प्रिंसिपल की शिकायत पर एक सेवानिवृत्त शिक्षक के खिलाफ शनिवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फरीदाबाद (अनिल राठी) : फरीदाबाद जिले फर्जी दस्तावेज और नाम बदलकर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा के प्रिंसिपल की शिकायत पर एक सेवानिवृत्त शिक्षक के खिलाफ शनिवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
शिक्षक पर आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर और फर्जी डिग्रियों के सहारे करीब दो दशक तक शिक्षा विभाग में नौकरी की। सराय ख्वाजा स्कूल के प्रिंसिपल कैलाश चंद द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी ललित भारद्वाज दिसंबर 2004 में एचएसएससी के माध्यम से एसएस मास्टर के पद पर भर्ती हुआ था। रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि उसकी 10वीं, 12वीं और बीए तक की पढ़ाई लालाराम पुत्र शिव कुमार के नाम से है। मामला तब खुला जब वर्ष 2020 और 2021 में सीएम विंडो पर इसकी शिकायत की गई।
जांच में सामने आया कि ललित भारद्वाज (पूर्व नाम लालाराम) ने वर्ष 1987 से 1999 तक सेना में लिपिक के पद पर कार्य किया था। आरोप है कि सेना में नियमित सेवा के दौरान ही उसने वर्ष 1994 में शिलांग (मेघालय) से नियमित रूप से बीएड की डिग्री हासिल कर ली, जो नियमों के विरुद्ध है। हैरानी की बात यह है कि उसकी बीएड की डिग्री में पिता का नाम तक अंकित नहीं है और यह डिग्री बीए के आधार पर नहीं ली गई, जिससे इसके जाली होने का संदेह गहरा गया। खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ और निदेशालय द्वारा की गई लंबी जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने अपनी शैक्षणिक योग्यता और पहचान के साथ छेड़छाड़ की है। पुलिस ने आरोपी ललित भारद्वाज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सराय ख्वाजा थाना पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी ने इतने वर्षों तक विभाग की आंखों में धूल झोंककर कितनी सैलरी और अन्य लाभ प्राप्त किए।
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