दुल्हा-दुल्हन ने अनोखे ढंग से रचाई शादी, समाज के लिए कायम की मिसाल (VIDEO)

Edited By Isha, Updated: 13 Nov, 2019 02:04 PM

शादियों का मौसम है। आपने हमने कई तरह की शादियां देखी होगी जहां बडा सा मण्डप होता है, मंत्रोचारण होता है। क्या इनके सब के बिना भी शादी होती है। कुछ अटपटा सा लगता है। ऐसी ही एक अ

टोहाना(सुशील सिंगला)- शादियों का मौसम है। आपने हमने कई तरह की शादियां देखी होगी जहां बडा सा मण्डप होता है, मंत्रोचारण होता है। क्या इनके सब के बिना भी शादी होती है। कुछ अटपटा सा लगता है। ऐसी ही एक अनोखी शादी उपमण्डल के गांव समैन में समपन्न हुई जिसमें लड़का व लड़की ने देश के सविधान निर्माता भारत रत्न डा.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक दुसरे को पति-पत्नि के रूप में स्वीकार किया। यह शादी जहां उपमण्डल के साथ शादी में आए लोगों के लिए कौतुहल का विषय रही वही इसकी जमकर प्रंशसा भी हो रही है। 

इस अनोखी शादी में जहां दुल्हा व दुल्हन की भुमिका अहम रही वही इसके सुत्रधार बने हरियाणी कवि मास्टर जोरा सिंह जिन्होनें अपने परिवार के साथ वर पक्ष को इस शादी के लिए रजामंद करवाया। मास्टर जोरा सिंह ने इसे मौर्य काल की प्राचीन भारतीय परंपरा बताया है जब बिना किसी दान-दहेज के कम खर्चे में समाज के सामने वर व कन्या पती-पत्नी के रूप में स्वीकार करते थे। 

शादी में विशेष तौर पर  भिक्षु कांशी रत्न, प्रदेशअध्यक्ष अखिल भारतीय भिक्षु महासंघ हरियाणा पहुचे जिन्होनें इस शादी की प्रंशसा की व शादी की रस्में में दुल्हा-दुल्हन को एक दूसरे का साथ निभ्भाने का संकल्प भ्भी दिलवाया। इस शादी समारोह में पुरे समय सविधान निर्माता डा.अंबेडकर की याद में जय भ्भीम-जय भीम के जयकारे गुंजते रहे। 

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