Edited By Manisha rana, Updated: 03 Apr, 2026 04:38 PM

हरियाणा की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने चौटाला परिवार पर पलटवार करते हुए राजनीतिक मर्यादा और भाषा की सीमाओं पर बड़ा बयान दिया है।
सिरसा (सतनाम सिंह) : हरियाणा की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने चौटाला परिवार पर पलटवार करते हुए राजनीतिक मर्यादा और भाषा की सीमाओं पर बड़ा बयान दिया है। हाल ही में चौटाला परिवार की ओर से की गई अभद्र टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जयप्रकाश ने साफ कहा कि राजनीति में अमर्यादित भाषा का कोई स्थान नहीं है।
जयप्रकाश ने कहा कि व्यक्तिगत हमले और स्तरहीन बयानबाजी न सिर्फ लोकतंत्र को कमजोर करते हैं, बल्कि जनता के बीच गलत संदेश भी भेजते हैं। उन्होंने चौटाला परिवार के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अजय और अभय चौटाला ने अपने परिवार की विरासत को खुद ही नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं की भाषा और व्यवहार ने देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला जैसे बड़े नेताओं के नाम को धूमिल किया है।
जयप्रकाश ने दावा किया कि उन्होंने हमेशा देवीलाल के नाम और उनकी विचारधारा को सम्मान दिया और उसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादा बनाए रखना हर नेता की जिम्मेदारी है। इसी दौरान जयप्रकाश ने कांग्रेस के भीतर चल रही गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने चौधरी विजेंद्र सिंह की हालिया यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि यह कोई अधिकृत पार्टी यात्रा नहीं है, बल्कि एक व्यक्तिगत पहल है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह यात्रा पार्टी नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी के निर्देश पर शुरू की गई है? जयप्रकाश ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ही कांग्रेस के शीर्ष नेता हैं और किसी भी बड़ी राजनीतिक पहल को उनके मार्गदर्शन में ही होना चाहिए।
दोषी विधायकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो- जय प्रकाश
राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए विवाद पर भी जयप्रकाश ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की या जिनकी वजह से वोट रिजेक्ट हुए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी हाईकमान से मांग की कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषी विधायकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
चौटाला परिवार पर हमला जारी रखते हुए जयप्रकाश ने हिसार लोकसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में चौटाला परिवार के तीन-तीन उम्मीदवार उनके सामने मैदान में उतरे थे, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने विशेष रूप से सुनैना चौटाला और नैना चौटाला का नाम लेते हुए कहा कि दोनों को 25,000 से भी कम वोट मिले थे। जयप्रकाश ने आगे कहा कि न सिर्फ उन्हें कम वोट मिले, बल्कि दोनों ही उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई थी। उन्होंने इसे जनता का स्पष्ट संदेश बताते हुए कहा कि लोग अब केवल वादों और परिवारवाद की राजनीति से आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि “जनता सब जानती है कि किस पार्टी का क्या वजूद है और कौन सिर्फ नाम के भरोसे राजनीति कर रहा है।” जयप्रकाश ने दावा किया कि जनता अब विकास, ईमानदारी और स्पष्ट नेतृत्व चाहती है, न कि वंशवाद और विवादों में उलझी राजनीति।
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