Edited By Krishan Rana, Updated: 19 Mar, 2026 09:19 PM

इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला
झज्जर (दिनेश मेहरा) : इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला और कई गंभीर आरोप लगाए। आदित्य चौटाला ने कहा कि राजनीति में नैतिकता खत्म होती जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा “सो चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” और इस कहावत के जरिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने 23 मार्च को नरवाना की अनाज मंडी में शहीदी दिवस के उपलक्ष में होने वाले युवा सम्मेलन को लेकर झज्जर में इनेलो कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
आदित्य चौटाला ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान हुड्डा ने अपनी ही पार्टी के विधायकों को बेचने का काम किया, जिससे लोकतंत्र कमजोर हुआ। बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी पूंजीपतियों और धनाढ्य लोगों की पार्टी बन चुकी है। उनके अनुसार बीजेपी के पास धन की कोई कमी नहीं है और वह हमेशा अलग-अलग सामाजिक मुद्दों, कभी हिंदू-मुस्लिम तो कभी जाट-गैर जाट के नाम पर लोगों को बांटकर सत्ता हासिल करती रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची।
आदित्य चौटाला ने दोनों दलों को “मौसेरे भाई” बताते हुए कहा कि एक सत्ता में रहकर काम करता है तो दूसरा विपक्ष में रहकर, लेकिन दोनों की कार्यशैली एक जैसी है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए राज्यसभा चुनाव से दूरी बनाए रखी,ताकि किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त की राजनीति का हिस्सा न बनना पड़े।
इस दौरान उन्होंने गीता भुक्कल के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने इनेलो और बीजेपी के बीच पैसे को लेकर सहमति न बनने की बात कही थी। इस पर आदित्य चौटाला ने कहा कि पैसे की बात वही करता है जिसने पैसे देखे हों। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पांच वोट क्रॉस हुए और कुछ वोट रद्द भी हुए, जिससे कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट होती है।
उन्होंने आगे कहा कि इनेलो का कोई विधायक या कार्यकर्ता बिकाऊ नहीं है और पार्टी बेहद मजबूत स्थिति में है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 37 विधायकों वाली पार्टी के केवल 28 वोट ही सामने आए, बाकी कहां गए, यह सवाल उठता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विधायक बीजेपी के साथ चले गए और दोनों पार्टियों को अपनी “काली भेड़ों” के नाम उजागर करने चाहिए।
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