Edited By Manisha rana, Updated: 25 Feb, 2026 10:00 AM

यदि व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत रहे तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। अपने फिटनैस मंत्र को सांझा करते हुए डॉ. सेठी ने कहा कि वे अनुशासित जीवनशैली अपनाते हैं, प्रतिदिन 7-9 घंटे की नींद लेते हैं, जंक फूड और शराब से परहेज करते हैं तथा शाकाहारी...
कुरुक्षेत्र : यदि व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत रहे तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। अपने फिटनैस मंत्र को सांझा करते हुए डॉ. सेठी ने कहा कि वे अनुशासित जीवनशैली अपनाते हैं, प्रतिदिन 7-9 घंटे की नींद लेते हैं, जंक फूड और शराब से परहेज करते हैं तथा शाकाहारी भोजन करते हैं। जीवन में 20 से अधिक फ्रैक्चर झेलने के बावजूद आज भी मैराथन दौड़ रहे हैं और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
74 वर्ष की आयु में कुरुक्षेत्र के डा. सोम नाथ ने अपनी 340वीं मैराथन पूरी कर उम्र की सीमाओं को चुनौती दी। 42.2 किलोमीटर की दूरी तय कर उन्होंने साबित किया कि जब दृढ़ संकल्प और मानसिक मजबूती साथ हो तो उम्र महज एक संख्या है। डा. सेठी ने 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन पूरी करते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह उनकी 340वीं मैराथन थी। यह आयोजन एसोसिएशन ऑफ इंटरनैशनल मैराथन्स एंड डिस्टेंस रेसिज से प्रमाणित था और इसमें 31 से अधिक देशों के 30 हजार से ज्यादा धावकों ने भाग लिया। अपनी उपलब्धि पर डा. सेठी ने कहा कि उनके लिए पदक जीतने से अधिक महत्वपूर्ण अनुशासन के साथ दौड़ पूरी करना है। उनका मानना है कि यदि व्यक्ति मानसिक रूप से सशक्त रहे तो उम्र मायने नहीं रखती।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)