Edited By Isha, Updated: 05 May, 2026 08:09 AM

हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव पैंतावास कलां में रिश्तों के गहरे जुड़ाव की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहाँ दो भाइयों के बीच का प्रेम इतना अटूट था कि छोटे भा
चरखी दादरी: हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव पैंतावास कलां में रिश्तों के गहरे जुड़ाव की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहाँ दो भाइयों के बीच का प्रेम इतना अटूट था कि छोटे भाई की मृत्यु के मात्र साढ़े सात घंटे बाद बड़े भाई ने भी प्राण त्याग दिए। सोमवार को दोनों भाइयों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 70 वर्षीय हरीराम भारतीय सेना से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) थे। रविवार रात करीब 10:30 बजे उनका निधन हो गया। छोटे भाई के निधन की खबर सुनते ही 80 वर्षीय बड़े भाई ताराचंद गहरे सदमे में चले गए। वह अपने भाई के बिछड़ने का दुख बर्दाश्त नहीं कर सके और अगली सुबह करीब 6:00 बजे उन्होंने भी अंतिम सांस ली।
इलाके में चर्चा का विषय
एक ही घर से एक साथ दो अर्थियां उठने पर पूरे गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाइयों में 'राम-लक्ष्मण' जैसा प्रेम था। गांव निवासी सुनील कुमार ने बताया कि दोनों भाइयों का एक-दूसरे से इतना लगाव था कि मौत भी उन्हें ज्यादा देर जुदा नहीं रख सकी। जब दोनों भाइयों का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की पलकें भीग गईं।