कैथल में दुष्कर्म केस में समझौते के नाम पर लिए 3 लाख, मामला दर्ज कराने वाली महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Harman, Updated: 19 Sep, 2026 03:20 PM

3 lakhs in the name of agreement in rape case in kaithal

दुष्कर्म के केस में समझौते के नाम पर 3 लाख रुपए लेने के मामले में एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ और एंटी नारकोटिक्स सेल की पुलिस ने केस दर्ज कराने वाली महिला मोनिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : दुष्कर्म के केस में समझौते के नाम पर 3 लाख रुपए लेने के मामले में एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ और एंटी नारकोटिक्स सेल की पुलिस ने केस दर्ज कराने वाली महिला मोनिका समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी बताए जा रहे पप्पू, मटौर निवासी कृष्ण और मोनिका शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मोनिका ने ही 31 दिसंबर 2025 को सिविल लाइन थाना में अनिल के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब इसी मामले को पैसों में निपटाने की बातचीत और 3 लाख रुपए लेने के आरोप में पुलिस ने कार्रवाई की है।

एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद अनिल की मुलाकात हत्या के एक मामले में जेल में बंद पप्पू से हुई थी। आरोप है कि पप्पू ने जेल के अंदर अनिल से उसका मामला पैसों में निपटाने की बात कही। बाद में पप्पू जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने मटौर निवासी कृष्ण को बीच में लेकर अनिल के मामले को पैसों में निपटाने की बातचीत शुरू की।

मोनिका की रिश्तेदारी के चलते कृष्ण कर रहा था पैसों की मांग
पुलिस के मुताबिक, कृष्ण की मोनिका के साथ रिश्तेदारी थी। इसी वजह से वह मोनिका की तरफ से अनिल पक्ष से पैसों की मांग कर रहा था। इस दौरान पप्पू ने कृष्ण के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग कर ली थी। पुलिस के अनुसार, पप्पू इसी रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस कर्मचारियों को भी विजिलेंस के माध्यम से पकड़वाने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने पूरी योजना तैयार की हुई थी।

कोर्ट परिसर में लिए 3 लाख, मोनिका को नहीं देने का आरोप
मामले में शिकायत के अनुसार 15 सितंबर को कैथल कोर्ट परिसर में 3 लाख रुपए लिए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि पप्पू ने ये पैसे अपने पास रख लिए और मोनिका को नहीं दिए। इसके बाद उसने रतन को बताया कि उसने पैसे मोनिका को दे दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इसके बाद और पैसों की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर अनिल को 10 साल की सजा करवाने की धमकी देने का भी आरोप है।

संयुक्त कार्रवाई में तीनों गिरफ्तार
एसआई मुकेश कुमार के अनुसार, एंटी नारकोटिक सेल ने सिविल लाइन थाना की हेड कांस्टेबल सुदेश और एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस 3 लाख रुपए के लेन-देन, बातचीत की रिकॉर्डिंग और पूरे मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

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