Edited By Harman, Updated: 18 Sep, 2026 04:07 PM

कैथल शहर थाना में करनाल आईजी के एसए (सिक्योरिटी एजेंट) समेत तीन पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। सेक्टर-21 हुडा में ई-नीलामी के जरिए प्लॉट दिलाने और उसमें 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के नाम पर करीब 17 लाख रुपए लेने का आरोप है।
कैथल (जयपाल रसूलपुर) : कैथल शहर थाना में करनाल आईजी के एसए (सिक्योरिटी एजेंट) समेत तीन पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। सेक्टर-21 हुडा में ई-नीलामी के जरिए प्लॉट दिलाने और उसमें 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के नाम पर करीब 17 लाख रुपए लेने का आरोप है। पुलिस ने पुलिस विभाग में कार्यरत मदनलाल, कपिल शर्मा और मदनलाल के बेटे अजय के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार मदनलाल वर्तमान में करनाल आईजी के एसए के सुरक्षा एजेंट के तौर पर कार्यरत है। एफआईआर में उसे पुलिस विभाग में एएसआई बताया गया है।
शिकायतकर्ता अमित सिकरी के अनुसार मदनलाल उसका पड़ोसी है और उसके पिता से भी उसके अच्छे संबंध रहे हैं। इसी वजह से उस पर भरोसा किया। आरोप है कि मदनलाल ने बताया कि वह कपिल शर्मा के साथ प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त का काम करता है। उसने सेक्टर-21 हुडा में आठ प्लॉट ई-नीलामी से बिकने और हुडा अधिकारियों से सेटिंग होने की बात कही। बाजार भाव से कम में प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर शिकायतकर्ताओं को ई-नीलामी में हिस्सेदारी के लिए तैयार किया।
1.80 करोड़ में खरीदा प्लॉट, 25% हिस्सेदारी का भरोसा
एफआईआर के अनुसार प्लॉट नंबर 1373 में शिकायतकर्ताओं को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की बात हुई। इसके बाद 1.38 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। वहीं 5.52 लाख रुपए कपिल शर्मा के खाते से हुडा के खाते में जमा कराए गए। ई-नीलामी में प्लॉट 1 करोड़ 79 लाख 96 हजार रुपए में खरीदा गया। प्लॉट आवंटित होने के बाद 10 प्रतिशत राशि जमा कराने के नाम पर 7.23 लाख रुपए ऑनलाइन और एक लाख रुपए नकद देने का आरोप है। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 को 6.75 लाख रुपए ऑनलाइन और 1.02 लाख रुपए नकद देने की बात शिकायत में कही गई है।
हुडा से जांच कराई तो रसीद फर्जी होने का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जून 2026 में हुडा कार्यालय से प्लॉट की जानकारी लेने पर पता चला कि निर्धारित 15 प्रतिशत राशि जमा नहीं कराई गई थी। इसके बाद मदनलाल ने 26 लाख 99 हजार 700 रुपए की रसीद दी। पंचकूला हुडा कार्यालय से सत्यापन कराने पर शिकायतकर्ताओं के अनुसार यह रसीद विभाग द्वारा जारी नहीं की गई थी।
रकम वापस मांगी तो धमकी देने का आरोप
शिकायत में आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने पहले 45 दिन में रकम लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में पैसे देने से इनकार कर दिया। मदनलाल पर पुलिस विभाग में नौकरी का हवाला देकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने बातचीत रिकॉर्ड होने की बात पुलिस को बताई है। डीएसपी रमेश चंद ने बताया कि तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।