Edited By Krishan Rana, Updated: 22 Sep, 2026 07:23 PM
धान की खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ग्रुप के किसान शाहाबाद
कुरुक्षेत्र (रणदीप रोड़) : धान की खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ग्रुप के किसान शाहाबाद में एकत्रित हुए थे। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होती, तब तक किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से 25-26 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने इसे मंजूर करने से इनकार कर दिया। चढूनी ने कहा कि किसानों की मांग साफ है कि धान की सरकारी खरीद तुरंत शुरू की जाए।
चढूनी ने कहा कि प्रशासन की तरफ से समाधान निकालने की बात हुई थी, लेकिन कोई बात सिरे नहीं चढ़ सकी। इसलिए किसान अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि मंगलवार रात बराड़ा रोड पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद बुधवार को किसानों की पंचायत बुलाई गई है। पंचायत में किसानों के साथ मीटिंग कर आगे के आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
चढूनी ने कहा, "हमारी एक ही मांग है- खरीद शुरू करो। प्रशासन ने 25-26 सितंबर से खरीद की बात रखी है, जो हमें मंजूर नहीं है। आज रात धरने पर बैठेंगे। कल पंचायत रखी है। उसमें मीटिंग करके बात रखेंगे कि आगे क्या फैसला लेना है।"
उन्होंने कहा कि किसान बराड़ा रोड से हटकर घर नहीं बैठेंगे। कल पंचायत और मीटिंग के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। चढूनी ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान काफी लोग घायल हुए हैं, हालांकि घायलों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
कुरुक्षेत्र पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने मीडिया को बताया कि किसानों ने रोड जाम करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस का मत बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी कीमत पर रोड जाम नहीं करने दिया जाएगा क्योंकि जीटी रोड देश की लाइफ लाइन है। और यदि जीटी रोड पर जाम लगाया जाता है तो लोगों को बहुत भारी परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि किसानों ने जो रोड जाम करने का प्रयास किया तो पुलिस ने भी मामूली वाटर कैनन का इस्तेमाल किया वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिस के जवानों को भी चोटे आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों से बातचीत करने के लिए तैयार है और किसानों को भी चाहिए कि वह बातचीत के जरिए मामला सुलझाए।
धान की खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ग्रुप के किसान शाहाबाद में एकत्रित हुए थे। किसानों ने धान खरीद में देरी को लेकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया था। DC विश्राम कुमार मीणा के साथ बातचीत असफल होने के बाद किसान जाम करने के लिए निकल गए।
वहीं किसानों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। साथ ही वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। किसान नेताओं को डिटेन किया जा रहा। नेशनल हाईवे को पुलिस प्रशासन के द्वारा 10 मिनट के बाद खुलवा दिया गया है।


किसान नेताओं ने कहा कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होती, तब तक किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि चाहे उनको गोली खानी पड़े वह गोली खाने को तैयार है। लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा, “बेईमान अधिकारियों की वजह से यह सब हो रहा है। सरकार किसानों को पिटवाना चाहती है। इन्हें किसानों की बदनामी कराने में मजा आता है। ऐसे अधिकारियों को हरियाणा से हटा देना चाहिए। उधर हाईवे पर पुलिस लाठी लेकर तैयार है। हम पिटेंगे, हम जाएंगे और वो पीटेंगे।”

इस दौरान भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों को संबोधित करते हुए नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। चढ़ूनी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि "चाहे गोली खानी पड़े, खाएंगे, लेकिन रोड जाम जरूर करेंगे।"

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होगी तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। वहीं प्रशासन ने भारी पुलिस बल भी तैनात किया है। और बेरिकेड्स भी लगाए है।

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