जींद में नशा मुक्ति अभियान में सिंगर Masoom Sharma की प्रस्तुति पर विवाद, पोस्टर जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवाल

Edited By Krishan Rana, Updated: 21 Sep, 2026 03:55 PM

controversy over singer masoom sharma s performance at a de addiction campaign i

नशे के खिलाफ जींद जिला प्रशासन की ओर से 27 सितंबर 2026 को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU), जींद में नशा मुक्ति

जींद (अमनदीप पिलानिया) : नशे के खिलाफ जींद जिला प्रशासन की ओर से 27 सितंबर 2026 को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU), जींद में नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ाना बताया गया है। 

कार्यक्रम में जींद की उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा और पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान “नशे से दुश्मनी, शिक्षा से प्रेम” का संदेश दिया जाएगा। इसके साथ संगीतमय कार्यक्रम भी होगा, जिसमें हरियाणवी गायक मासूम शर्मा प्रस्तुति देंगे।

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जींद पुलिस की ओर से अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर कार्यक्रम का पोस्टर जारी किए जाने के बाद अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि एक तरफ हरियाणा पुलिस हिंसा, हथियार और गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले बताए गए गानों पर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नशा मुक्ति जैसे जागरूकता कार्यक्रम में ऐसे विवादों से जुड़े कलाकार को मंच देना सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि जनवरी 2026 में हरियाणा पुलिस की कार्रवाई के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म से 67 गाने हटाए/ब्लॉक किए जाने की खबर सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक इनमें मासूम शर्मा के 19 गाने भी शामिल थे। पुलिस की ओर से इन गानों पर हिंसा, अपराध और गन कल्चर को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए थे।

देहरादून में मंच से अभद्र भाषा का मामला भी चर्चा में
मासूम शर्मा इससे पहले अप्रैल 2026 में देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ कार्यक्रम को लेकर भी विवादों में आए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान मंच से अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत और एफआईआर दर्ज हुई थी। बाद में पुलिस की ओर से उन्हें नोटिस भी भेजा गया था।

इस मामले में मासूम शर्मा ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें गुस्सा जल्दी आता है और वह अपने व्यवहार में सुधार का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं।

अब यही पुराने विवाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं। यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाले सरकारी कार्यक्रम में कलाकार के चयन के लिए प्रशासन ने किन मानकों को आधार बनाया है।

DC-SP से संपर्क की कोशिश, नहीं मिला जवाब
सोशल मीडिया पर कार्यक्रम को लेकर हो रही आलोचना के बीच इस संबंध में जींद की उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा और पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, दोनों अधिकारियों से फोन पर संपर्क नहीं हो सका।

फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से मासूम शर्मा को कार्यक्रम में मुख्य कलाकार के तौर पर शामिल किए जाने को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

अब देखना होगा कि 27 सितंबर को होने वाले इस नशा मुक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में प्रशासन की ओर से कलाकार के चयन को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई जवाब दिया जाता है या नहीं।

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