Edited By Isha, Updated: 21 Aug, 2026 09:57 AM

पढ़ाई के लिए मिली डांट से नाराज होकर घर से निकला 10 साल का बच्चा करीब 2 महीने बाद अपने परिवार से मिल गया। वीरवार को जब उसकी दादी और चाचा उसे लेने पहुंचे तो बच्चा उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ा।
यमुनानगर: पढ़ाई के लिए मिली डांट से नाराज होकर घर से निकला 10 साल का बच्चा करीब 2 महीने बाद अपने परिवार से मिल गया। वीरवार को जब उसकी दादी और चाचा उसे लेने पहुंचे तो बच्चा उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ा।
जानकारी अनुसार बच्चा नेपाल का रहने वाला है और तीसरी कक्षा में पढ़ता था। पढ़ाई को लेकर परिवार की डांट से नाराज होकर वह मार्च में घर से निकल गया। घर से निकलने के बाद वह नेपाल के एक होटल में काम करने लगा। परिजनों ने दादी से लिपट कर उसकी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जुलाई में यमुनानगर का एक परिवार नेपाल घूमने गया था। वहां उनकी मुलाकात इस बच्चे से हुई। बातचीत के दौरान परिवार को बच्चे की स्थिति का पता चला। इसके बाद बच्चा उनके साथ यमुनानगर आ गया। यमुनानगर पहुंचने के बाद परिवार ने कुछ दिन तक बच्चे को अपने साथ रखा। बाद में उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मामला चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी तक पहुंचा।
सी.डब्ल्यू.सी. के चेयरमैन अशोक कुमार ने बताया कि काऊंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके पिता खाखादेर फैक्टरी में काम करते हैं। बच्चा अपनी दादी तुली, पिता और चाचा के साथ रहता था। बालकुंज में हुई काऊंसलिंग के दौरान भी बच्चे ने परिवार के बारे रोता पोता। (चंद्रशेखर) में वही जानकारी दी। इसके बाद बच्चे के परिजनों की तलाश के लिए हरियाणा स्टेट क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट से संपर्क किया गया जिनकी मदद से बच्चे के परिवार की पहचान और तलाश शुरू की।