यमुनानगर : खेत में लगाई आग और फंस गए तीन भाई,  पुलिस ने दर्ज की FIR, एक साल तक MSP पर फसल बेचने पर रोक...जानें पूरा मामला

Edited By Harman, Updated: 02 Oct, 2026 10:56 AM

yamunanagar three brothers got trapped after setting fire to a field

हरियाणा सरकार की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद यमुनानगर जिले में पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। थाना छप्पर क्षेत्र के गांव मंधार में खेत में पराली जलाने के आरोप में तीन भाइयों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।

यमुनानगर (सुरेंद्र मेहता) : हरियाणा सरकार की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद यमुनानगर जिले में पराली जलाने के मामले सामने आने लगे हैं। थाना छप्पर क्षेत्र के गांव मंधार में खेत में पराली जलाने के आरोप में तीन भाइयों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।

यमुनानगर में उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि विभाग द्वारा कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा गया है।पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उपायुक्त यमुनानगर की ओर से जिले में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद गांव मंधार में हरजीत सिंह, ओंकार सिंह और अवतार सिंह ने अपने खेत में  पराली जलाई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने प्रशासन की ओर से जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना की। कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर छप्पर थाना पुलिस ने तीनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है।  जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है। इसके बावजूद सामने आई इस घटना के बाद पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना के आरोप में कार्रवाई की है। चालू सीजन में पराली जलाने के मामले में यह जिले की पहली दर्ज प्राथमिकी है।जिला प्रशासन ने यमुनानगर जिला के सभी गांव में निगरानी के लिए नोडल अफसरो की नियुक्ति की है।

उप कृषि निदेशक डॉक्टर आदित्य डबास ने बताया कि जो भी व्यक्ति खेतों में आग लगाएगा उसे ₹5000 जुर्माना किया जाता है। इसके साथ-साथ एक साल के लिए उसके पोर्टल को भी फसल की खरीद के लिए बंद कर दिया जाता है, उसमें रेड एंट्री कर दी जाती है। उसकी कोई भी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाती। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करने के साथ-साथ यह कार्रवाई भी की गई है।

उप कृषि निदेशक ने बताया कि देश में हरियाणा ऐसा पहला राज्य है जहां पराली प्रबंधन के लिए अर्थात पराली न जलाने के लिए सरकार की तरह की सहायता उपलब्ध करवाती है। इसके बावजूद कोई किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। जो इस मामले में किया गया है। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वह सरकार के नियमों का पालन करें ,पराली जलाने से न सिर्फ पशु पक्षी बल्कि इंसान, बुजुर्ग बच्चे इससे प्रभावित होते हैं खेतों की ऊर्जा शक्ति कम होती है।
 

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