Edited By Isha, Updated: 27 Sep, 2026 01:36 PM

कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। प्लांट में कूड़ा जलता मिलने पर प्रदूषण बोर्ड ने नगर निगम पर 7.18 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया है
यमुनानगर: कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। प्लांट में कूड़ा जलता मिलने पर प्रदूषण बोर्ड ने नगर निगम पर 7.18 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया है। इस कार्रवाई के बाद दोनों विभागों के बीच तनातनी तेज हो गई है।
शहर से रोजाना लगभग 250 से 280 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसे नगर निगम की गाड़ियां उठाकर कैल स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में डंप करती हैं। बोर्ड के औचक निरीक्षण के दौरान प्लांट के भीतर भारी मात्रा में कूड़ा जलता हुआ पाया गया, जिसे पर्यावरण नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कूड़े का पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शहर में कूड़ा जलाने वालों पर लगाम लगाने का काम भी निगम का ही है, ऐसे में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होना तय था।
दूसरी ओर, नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका तर्क है कि सदन की बैठकों में पहले भी यह मुद्दा उठ चुका है कि कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई कौन करेगा। निगम का कहना है कि जमीनी हकीकत और प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर सीधे ₹7.18 करोड़ का जुर्माना थोपना पूरी तरह से अनुचित है।