Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 08 Apr, 2026 05:25 PM

पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार स्थित डी-ब्लॉक की रेलवे कोऑपरेटिव सोसाइटी में इन दिनों जमकर विवाद देखने को मिल रहा है।
गुड़गांव ब्यूरो : पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार स्थित डी-ब्लॉक की रेलवे कोऑपरेटिव सोसाइटी में इन दिनों जमकर विवाद देखने को मिल रहा है। सोसाइटी के अध्यक्ष पर ‘दादागिरी’ दिखाने और बिना किसी वैध अनुमति के एंट्री-एग्जिट गेट पर अवैध बैरिकेडिंग लगाने के गंभीर आरोप लगे हैं। निवासियों का कहना है कि इस बैरिकेडिंग के चलते पूरे इलाके में हर रोज लंबा जाम लग रहा है। ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक, सभी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो इमरजेंसी की स्थिति में भी गाड़ियों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
स्थिति इतनी गंभीर बताई जा रही है कि रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को भी रोका जा रहा है। इस पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर कोई गेट खोलने की बात करता है, तो उसकी वीडियो बनाकर उसे अपमानित किया जाता है, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। जब स्थानीय लोगों ने इस मामले में सोसाइटी प्रबंधन से सवाल किया और नोटिस दिखाने को कहा, तो सामने आया कि जिस नोटिस को दिल्ली पुलिस के नाम पर बताया जा रहा था, वह न तो किसी आधिकारिक लेटरहेड पर है और न ही उस पर किसी अधिकारी के साइन या मुहर मौजूद है। ऐसे में इसे फर्जी नोटिस बताया जा रहा है।
आरोप यह भी है कि विरोध करने पर सोसाइटी के कुछ लोग निवासियों को धमका रहे हैं और दिल्ली पुलिस व प्रशासन का नाम लेकर दबाव बना रहे हैं। इतना ही नहीं, निदेशालय शिक्षा (Directorate of Education) के एक वरिष्ठ कर्मचारी को भी इस व्यवस्था के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। निवासियों ने सवाल उठाया है कि जब इस अवैध बैरिकेडिंग से लोगों को इतनी असुविधा हो रही है, तो आखिर इसे लागू क्यों किया गया है। गुस्साए लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर जल्द से जल्द अवैध बैरिकेडिंग हटाई जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर शिकायत करने के लिए मजबूर होंगे।