Edited By Isha, Updated: 09 Apr, 2026 05:38 PM

हरियाणा कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम में संशोधन को मंजूरी दी है। नए संशोधित नियमों को हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम 2026 के नाम से लागू किया जाएगा।
चंडीगढ़: हरियाणा कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम में संशोधन को मंजूरी दी है। नए संशोधित नियमों को हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम 2026 के नाम से लागू किया जाएगा।
इसके तहत यदि किसी निजी परियोजना को स्थापित करने के लिए आवश्यक सीएलयू या लाइसेंस प्राप्त होने के बाद वहां तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं है तो सरकार अब शामलात देह यानी गांव की साझा जमीन से रास्ता उपलब्ध करवा सकेगी। इसके लिए ग्राम पंचायत के 3/4 बहुमत और ग्राम सभा के 2/3 बहुमत से प्रस्ताव पारित होना जरूरी होगा। यानी ग्राम पंचायत के 75 फीसदी सदस्य और ग्राम सभा के लगभग 66 फीसदी लोग इस पर सहमत होंगे तभी रास्ता दिया जाएगा।
राज्य में बुनियादी ढांचा, आवास, औद्योगिक और वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही, इन परियोजनाओं के लिए तय मानकों के अनुसार सड़क की उपलब्धता भी जरूरी होती है। पहले शामलात देह की जमीन को न तो बेचा जा सकता था
और न ही लंबे समय के लिए पटूटे पर दिया जा सकता था। इससे परियोजनाओं को रास्ता देने में दिक्कत आती थी। सरकार के इस नए फैसले से अब इन बाधाओं को दूर करने और विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और इसका उपयोग आम जनता भी कर सकेगी। यह केवल परियोजना के लिए नहीं, बल्कि साझा उपयोग के लिए खुला रहेगा। हालांकि सरकार ने इसके बदले परियोजना संचालकों पर कुछ शर्तें भी लागू की हैं। सरकार को पांच फीसदी हिस्से का देना होगा स्वामित्व अधिकार रास्ता निर्धारित करने की शर्त यह होगी कि परियोजना/लाइसेंस प्राप्त क्षेत्र के पांच फीसदी हिस्से का स्वामित्व अधिकार या फिर ग्राम पंचायत द्वारा रास्ते के लिए निर्धारित भूमि के आकार का चार गुना हिस्सा इनमें से जो भी अधिक होगा, उसे सरकार को हस्तांतरित करना होगा।
इस प्रकार हस्तांतरित की गई भूमि परियोजना के लिए स्वीकृत कुल क्षेत्र का ही एक हिस्सा मानी जाएगी। यह भूमि पूरी तरह से विकसित रूप में और परियोजना के शेष क्षेत्र में उपयोग की जा रही अन्य सभी उपयोगिता सेवाओं (जैसे बिजली, पानी आदि) तक पहुंच के साथ उपलब्ध कराई जाएगी।
अन्य नियम और शर्तें वे होंगी जो राज्य सरकार समय-समय पर निर्धारित करेगी और संबंधित व्यक्ति को इन सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस नियम के तहत तैयार की गई एक नीति को भी मंजूरी दी गई जिसमें अन्य शर्तों और मानक संचालन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है।