हरियाणा में जल क्रांति, 5,715 करोड़ रुपये का ये खास कार्यक्रम शुरू... विश्व बैंक देगा बड़ा सहयोग

Edited By Isha, Updated: 09 Apr, 2026 02:08 PM

water revolution in haryana this special program worth 5 715 crore launched

): हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश में दीर्घकालिक जल स्थायित्व के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर आज यहां वर्ल्ड बैंक एप्रेजल मिशन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक

चंडीगढ़(धरणी): हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश में दीर्घकालिक जल स्थायित्व के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी ‘वॉटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर आज यहां वर्ल्ड बैंक एप्रेजल मिशन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।  5,715 करोड़ रुपये की कुल लागत के इस कार्यक्रम में 4,000 करोड़ रुपये का विश्व बैंक ऋण शामिल है। इस पहल का उद्देश्य हरियाणा में कृषि जल उपयोग की दक्षता, विश्वसनीयता और स्थिरता सुनिश्चित करना है। छह वर्षों की अवधि में प्रस्तावित यह कार्यक्रम राज्य में जल प्रबंधन प्रणाली को मजबूती देने का एक व्यापक और सुव्यवस्थित प्रयास है।

यह परियोजना विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को 3,328 करोड़, सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण को 1,500 करोड़ तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को 887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। विभागों के इस समन्वय से समेकित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होने की उम्मीद है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता डॉ. सतबीर सिंह कादियान ने बताया कि यह कार्यक्रम आधुनिक तकनीक के उपयोग, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और किसान-केंद्रित हस्तक्षेपों के माध्यम से जल प्रबंधन में संरचनात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम 15 क्लस्टरों में लागू किया जाएगा, जो 48.94 लाख एकड़ क्षेत्र को कवर करेगा और राज्य के सिंचाई योग्य कमांड एरिया के बड़े हिस्से को लाभ होगा।

इस पहल का एक प्रमुख फोकस डेटा-आधारित जल प्रबंधन प्रणाली को अपनाना है, जिसमें डिजिटल डेटाबेस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तंत्र शामिल हैं, ताकि सिंचाई दक्षता और सेवा वितरण में सुधार किया जा सके। कार्यक्रम में टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर भी विशेष जोर दिया गया है, जिसमें फसल विविधीकरण तथा डायरेक्ट सीडेड राइस जैसी जल-संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, वास्तुकला विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!