Edited By Isha, Updated: 09 Apr, 2026 06:23 PM

हरियाणा के बहुचर्चित 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में केंद्र सरकार के दखल के बाद CBI ने अपनी जांच तेज कर दी है। हरियाणा सरकार की सिफारिश पर CBI ने इस मामले में
चंडीगढ़: हरियाणा के बहुचर्चित 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में केंद्र सरकार के दखल के बाद CBI ने अपनी जांच तेज कर दी है। हरियाणा सरकार की सिफारिश पर CBI ने इस मामले में नियमित केस (RC) यानी FIR दर्ज कर ली है। यह FIR हरियाणा एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज की गई शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इस घोटाले की आंच अब प्रशासनिक गलियारों तक पहुँच गई है। मामले में कथित संलिप्तता और लापरवाही के चलते हरियाणा सरकार ने आज दो IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है
क्या है पूरा मामला?
यह घोटाला सरकारी फंड के दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों का पैसा (लगभग 590 करोड़ रुपये) फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर बैंक में जमा कराया गया था, लेकिन बैंक कर्मियों और निजी बिचौलियों ने मिलीभगत कर इस पैसे को फर्जी शेल कंपनियों और सोने की खरीद के जरिए ठिकाने लगा दिया।
CBI की अगली कार्रवाई: छापेमारी की तैयारी
CBI की टीम ने आज चंडीगढ़ में हरियाणा ACB के अधिकारियों से मुलाकात की और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। सूत्रों के अनुसार: CBI अब आरोपियों के मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) की जांच करेगी। घोटाले में शामिल बैंक अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और सरकारी कर्मचारियों के ठिकानों पर कभी भी बड़ी छापेमारी की जा सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही इस मामले में 90 बैंक खातों को फ्रीज कर चुका है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।