विदेश में लापता हुआ बराड़ा का युवक, 12 दिनों से कोई सुराग नहीं... बेबस परिजनों ने PM और CM से लगाई  गुहार

Edited By Isha, Updated: 29 Mar, 2026 08:37 PM

youth from barara goes missing abroad no trace for 12 days

विदेश में पढ़ने गए बराड़ा का एक युवक रहस्यमयी हालात में लापता हो गया। इकलौते बेटे के इस प्रकार से गायब होने से जहां परिवार सदमे में है, वहीं इस मामले में माल्टा की पुलिस और भारतीय दूतावास की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बराड़ा(अनिल): विदेश में पढ़ने गए बराड़ा का एक युवक रहस्यमयी हालात में लापता हो गया। इकलौते बेटे के इस प्रकार से गायब होने से जहां परिवार सदमे में है, वहीं इस मामले में माल्टा की पुलिस और भारतीय दूतावास की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों की माने तो पिछले 12 दिनों से उनके बेटे का कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिससे परिजनों में रोष है। मिली जानकारी के अनुसार बराड़ा निवासी धर्मबीर का इकलौता 18 वर्षीय बेटा विश्व बीती 20 जनवरी 2026 को स्टडी वीजा पर माल्टा गया था और वहां पर हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म का कोर्स कर रहा था।

परिजनों के मुताबिक बीती 18 मार्च 2026 तक तो उनका बेटे से लगातार संपर्क बना हुआ था, लेकिन इसके बाद अचानक उसका फोन बंद हो गया और वह तभी से लापता है। विश्व के साथ रह रहे उसके दोस्त गुरमीत ने भी उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसे भी उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। वहीं, पुर्तगाल में रह रहे उसके भतीजे भी माल्टा पहुंचकर कई दिनों तक विश्व की खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि 20 मार्च को जब विश्व के दोस्तों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत माल्टा पुलिस को दी, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने की बजाय टालमटोल की। परिजनों का कहना है कि शुरुआती दिनों में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में ही लापरवाही बरती, जिससे जांच में देरी हुई।  

परिजनों के अनुसार जब मामला स्थानीय लोगों और मीडिया के माध्यम से उछला, तब कहीं जाकर 27 मार्च 2026 को वहां की पुलिस ने केस दर्ज किया। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद युवक का कोई सुराग मिल सकता था। 


 पुलिस और दूतावास की भूमिका पर उठाए सवाल
परिजनों ने माल्टा पुलिस और भारतीय दूतावास की भूमिका पर भी सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि दूतावास से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि दूतावास ने उनकी पीड़ा को गंभीरता से नहीं लिया और केवल औपचारिकता निभाकर पल्ला झाड़ लिया। बेटे के लापता होने से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम जैसा माहौल है और परिजन हर दिन किसी चमत्कार की उम्मीद में हैं। पिता धर्मबीर ने भावुक होते हुए कहा कि उनका बेटा ही उनका सहारा है और प्रशासन की लापरवाही ने उनकी चिंता को और बढ़ा दिया है।

परिवार ने इस बारे में देश के विदेश मंत्री को भी ट्वीट किया है। अब पीड़ित परिवार ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की मांग की है। उन्होंने  सरकार से अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाकर माल्टा पुलिस और भारतीय दूतावास की जवाबदेही तय की जाए तथा उनके बेटे की जल्द से जल्द तलाश सुनिश्चित की जाए।

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