Edited By Yakeen Kumar, Updated: 17 Nov, 2025 09:13 PM

महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा की निदेशक आईएएस प्रियंका सोनी ने कहा है कि महिलाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना जरूरी है।
चंडीगढ़ (चंद्रशेखर धरणी) : महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा की निदेशक आईएएस प्रियंका सोनी ने कहा है कि महिलाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना जरूरी है। महिलाएं कौशल विकास के साथ-साथ वित्तीय साक्षारता और मार्केट तक सरल पहुंच के माध्यम से अपने उद्योगों का विस्तार कर सकती हैं। प्रियंका सोनी पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के महिला विंग शी फोरम द्वारा आयोजित सतत महिला उद्यमिता श्रृंखला के अंतर्गत 'एम्पावरिंग माइंड' कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।
कार्यक्रम में भारी संख्या में चंडीगढ़ ट्राईसिटी की महिला उद्यमियों ने भाग लिया। उन्होंने उद्यमिता और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु एक सार्थक मंच प्रदान करने के लिए पीएचडीसीसीआई शी फोरम की सराहना की। इस सत्र का उद्देश्य महिला उद्यमियों का सम्मान करना और महिलाओं के नेतृत्व में स्थायी एवं सुदृढ़ व्यवसाय निर्माण की रणनीतियों पर चर्चा करना था।
पीएचडीसीसीआई शी फोरम, हरियाणा की अध्यक्ष सुश्री अलका गुरनानी ने समावेशी आर्थिक विकास में महिला उद्यमियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने क्षेत्र में मेंटरशिप के अवसर पैदा करने, लैंगिक विविधता को बढ़ावा देने और महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए शी फोरम की योजनाओं के बारे में बताया।
इस अवसर पर आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए पीएचडीसीसीआई की वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक सुश्री भारती सूद ने निरंतर जुड़ाव और क्षमता निर्माण के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पीएचडीसीसीआई की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर आयोजित पैनल चर्चा में पैनलिस्ट सुश्री लीना सिंह, वरिष्ठ उद्यमी, एमवे इंडिया ने व्यावसायिक सफलता को बनाए रखने में निरंतरता, अनुकूलनशीलता और संबंध-निर्माण के महत्व के बारे में बात की। यू-एंगेज की सह-संस्थापक सुश्री अभिलाषा शर्मा, कोडऑरिक्स की संस्थापक सुश्री स्विंकी शर्मा, अल्टरनेट लूप की संस्थापक सुश्री शिखा गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किए।
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