ऑटो में कराई गई महिला की डिलीवरी, मां सुरक्षित लेकिन बच्चे की चली गई जान

Edited By Mohammad Kumail, Updated: 27 Mar, 2023 09:32 PM

woman delivered in auto mother safe but child lost her life

सिविल अस्पताल बादशाह खान में आज सुबह लगभग 5:30 बजे एक गर्भवती महिला की ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। महिला की आनन-फानन में डिलीवरी कराने के बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे गायनी वार्ड में शिफ्ट करवा दिया...

फरीदाबाद (अनिल राठी) : सिविल अस्पताल बादशाह खान में आज सुबह लगभग 5:30 बजे एक गर्भवती महिला की ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। महिला की आनन-फानन में डिलीवरी कराने के बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे गायनी वार्ड में शिफ्ट करवा दिया। डिलीवरी के दौरान बच्चा मृत पैदा हुआ और यदि कुछ देर और हो जाती तो शायद गर्भवती महिला की जान पर भी बन सकती थी। इस मामले में अस्पताल के पीएमओ सविता यादव ने बताया कि ऐसे मामले में गर्भवती महिलाओं को लगातार डॉक्टर और अस्पताल के टच में रहना चाहिए। महिला की लापरवाही के चलते न केवल उसकी जान पर बन आई, बल्कि उसे अपने बच्चे से भी हाथ धोना पड़ा।

बता दें कि सुबह 5:30 बजे लेबर पेन होने के बाद महिला ऑटो में सवार होकर अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए पहुंची थी। लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी अस्पताल पहुंचते-पहुंचते ऑटो में ही डिलीवरी हो गई। आनन-फानन में अस्पताल स्टाफ महिला की ओर दौड़ा और महिला की ऑटो में ही डिलीवरी कराने के बाद उसे गायनी वार्ड में शिफ्ट करा दिया। लेकिन तबतक बच्चे की मौत हो चुकी थी। बता दें कि यदि महिला को अस्पताल स्टाफ की समय रहते मदद नहीं मिलती तो शायद महिला की जान भी जा सकती थी। इस मामले में जब अस्पताल की पीएमओ डॉक्टर सविता यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब महिला ऑटो में आई तो उसकी डिलीवरी ऑटो में हो चुकी थी और यह उसकी बड़ी लापरवाही थी कि वह समय रहते अस्पताल में ईलाज लेने के लिए अस्पताल नहीं पहुंची। जिसके चलते न केवल उसकी जान पर बन आई बल्कि उसे अपने बच्चे से भी हाथ धोना पड़ा।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को लगातार गर्भावस्था के दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, आशा वर्करों और ANM के टच में होना चाहिए और उसे लगातार चेकअप कराते रहना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि जब लेबर पेन हुआ तब उसे समय रहते अस्पताल पहुंचने के लिए सरकारी एंबुलेंस का सहारा लेना चाहिए था। यदि एंबुलेंस में महिला की तबीयत बिगड़ती है तो एंबुलेंस में प्रॉपर स्टाफ और डिलेवरी कराने के लिए उपकरण  होते हैं, ताकि उसकी एम्बुलेंस में भी डिलीवरी कराई जा सके। जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की जान सुरक्षित रहे। लेकिन अस्पताल में ऑटो में डिलीवरी होने के मामले में उस महिला ने पूरी लापरवाही बरती, जिसके चलते उसके साथ यह घटना घटित हुई।

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