590 करोड़ के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले में ACB ने रिप्रैंजैंटेशन मांगी, जारी किया टोल फ्री नंबर

Edited By Manisha rana, Updated: 08 Mar, 2026 10:38 AM

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राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने आई.डी. एफ. सी. फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले की जांच के दौरान कई खाताधारकों के बैंक खाते अस्थायी रूप से फ्रीज राशि होल्ड किए जाने के संबंध में आमजन से अपील की है।

चंडीगढ़ : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने आई.डी. एफ. सी. फर्स्ट बैंक से जुड़े मामले की जांच के दौरान कई खाताधारकों के बैंक खाते अस्थायी रूप से फ्रीज राशि होल्ड किए जाने के संबंध में आमजन से अपील की है। 

कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति या फर्म को लगता है कि इस प्रकरण में उसकी या उनसे संबंधित फर्म का खाता दर्ज धोखाधड़ी के मामले से किसी प्रकार से संबंधित नहीं है, उसका खाता गलत फ्रीज किया गया है तो वह अपना रिप्रजेंटेशन राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भेज सकता है। इसके लिए संबंधित खाताधारक विजीलैंस ब्यूरो के टोल-फ्री व्हाट्सएप नंबर 941-7891064 पर अपना लिखित प्रतिवेदन भेज सकते हैं।

विजिलेंस ब्यूरो ने आश्वासन दिया है कि प्राप्त प्रतिवेदनों की गंभीरता से समीक्षा, जांच की जाएगी और 48 घंटों के भीतर संबंधित व्यक्ति को उसके प्रतिवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध करवा दी जाएगी। उधर बैंकिंग फ्रॉड की जांच में जुटी ए.सी.बी. ने स्वीकार किया है कि आरोपियों ने उन्हें भ्रामक जानकारी दी है। टाल-मटोल वाले और झूठे जवाबों के कारण काफी समय खराब हुआ है। यही कारण है कि जांच में समय बढ़ता जा रहा है।

मनीष जिंदल को रिमांड पर भेजा

हरियाणा बैंकिंगफ्रॉड में पंचायत विभाग के सुपरिंट हैट वरे श कुमार के बाद मनीष जिंदल की गिरफ्तारी हुई है। मनीष जिंदल मोहाली के सेक्टर-117 का रहने वाला है जिसे कोर्ट में पेश कर पुलिस वे 10 दिव कारिमांड मांगा था लेकिन पुलिस 5 दिव कारिमांड ही मंजूर करवा पाई। मनीष जिंदल को लेकर पूछताछ में सामने आया है कि वह व केवल अपराध करने की साजिश की योजना बनाने में सक्रिय सदस्य था बल्कि उसवे इसे सक्रिय रूप से अंजान भी दिया। मवीष जिंदल वे भी आरोपियों से करोड़ों रुपए का कैश और दूसरे कीमती सामान लिए हैं।

सी.डी. जार. रिपोर्ट में सामने आया है कि मनीष जिंदल अपराध के वौरान मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अभय के लगातार संपर्क में बना हुआ था। डिजीटल डाटा विश्लेषण में उसके खाते में भी कुछ ट्रांजेक्शन मिली हैं जिसके आधार पर ही उसकी गिरफ्तारी कुई है। आरोपी के रिश्तेदार पंचकूला के सेक्टर-21 में रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद जिन्हें ए.सी. बी. ने सूचित किया है।

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