पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बैंक महाघोटाले को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, सीबीआई जांच की मांग

Edited By Krishan Rana, Updated: 25 Feb, 2026 08:46 PM

former deputy cm dushyant chautala writes to the prime minister demanding a cbi

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपए के महाघोटाले का मामला

चंडीगढ़ : हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा सरकार के खातों में 590 करोड़ रुपए के महाघोटाले का मामला देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में डाला है। बुधवार को दुष्यंत चौटाला ने पत्र के जरिए प्रधानमंत्री से इस बड़ी गड़बड़ी की सीबीआई और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की चंडीगढ़ शाखा में जमा सार्वजनिक धनराशि से संबंधित गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है और इस मामले की जांच सीबीआई और एसएफआईओ से होना बेहद जरूरी है।
 
पत्र के माध्यम पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा में यह बड़ी धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब राज्य सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद कर धनराशि अन्य बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैंक कर्मचारियों और बाहरी तत्वों के बीच मिलीभगत के साफ संकेत देखने को मिले है और अन्य व्यक्तियों, संस्थाओं के शामिल होने की भी पूरी संभावना है।

 दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्य सतर्कता ब्यूरो द्वारा इस घोटाले की जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक धनराशि से संबंधित अत्यंत गंभीर मामला है इसलिए फोरेंसिक, बैंकिंग धोखाधड़ी और कॉरपोरेट से जुड़े कानूनों के तहत जांच होना अति महत्वपूर्ण है, जो कि सीबीआई और एसएफआईओ की टीमों द्वारा ही संभव है। दुष्यंत चौटाला ने मांग करते हुए कहा कि इस घोटाले की जांच के लिए केंद्र सरकार द्वारा सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय न्यायिक जांच समिति गठित होनी चाहिए।
 
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा कि हरियाणा के नागरिकों को पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का अधिकार है और घोटालेबाजों से प्रत्येक रुपया वसूलकर दोषियों को सख्त सजा मिले। दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि घोटाले की राशि को अन्य राज्यों में भी ट्रांसफर करने की संभावना हो सकती है, ऐसे में सीबीआई कई राज्यों में इस मामले की जांच प्रभावी तरीके से कर सकती है। 

वहीं एसएफआईओ को गंभीर कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की जांच का विशेषाधिकार है और वह बैंक कर्मचारियों और कॉर्पोरेट प्रशासन की भूमिका की जांच बेहतर तरीके से कर पाएगी। दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, हरियाणा के राज्यपाल प्रो असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सैनी, सीबीआई निदेशक और एसएफआईओ निदेशक को भी पत्र भेजकर इस घोटाले से अवगत करवाया और सीबीआई व एसएफआईओ से जांच करवाने की मांग की।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें) 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!