Edited By Krishan Rana, Updated: 23 Feb, 2026 07:37 PM

हरियाणा सरकार के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा सरकार के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हुई 590 करोड़ रुपये से अधिक की धोधाखड़ी में प्रदेश सरकार ने कड़ा नोटिस लिया है। सोमवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान भी यह मुद्दा उठाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस मामले में की आरोपी अधिकारियों व कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट मांगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में ऐलान किया कि सरकार इस मामले में गंभीरता से काम कर रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस विभाग को इस मामले की जांच का जिम्मा सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों व बोर्ड-निगमों को ये निर्देश भी दिए गए हैं कि प्राइवेट की बजाय सरकारी बैंकों में ही सरकार का पैसा रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीएफसी बैंक में हुई धांधली को भी सरकार ने ही पकड़ा है। चार दिनों से सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बाद ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने अपनी इमेज बचाने के लिए सेबी को पत्र लिखकर इस पूरे मामले से अवगत करवाया है। बैंक ने अपने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। सीएम ने कहा कि सरकार दोषियों को किसी सूरत में बख्शेगी नहीं। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी में शामिल होने वालों में चाहे बैंक के अधिकारी हो या फिर हरियाणा सरकार के, किसी के भी माफ नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का एक रुपया भी कहीं नहीं जाएगा। एक-एक पैसा वापस आएगा, वह भी ब्याज सहित। नायब सैनी ने कहा कि 590 करोड़ रुपये में से 450 करोड़ रुपये के लगभग की एफडी थी। बाकी पैसा खातों में था। सीएम ने कहा कि वित्त विभाग को जब गड़बड़ नजर आई तो हिसाब-किताब का मिलान किया गया। इसमें कमी दिखी तो कार्रवाई शुरू हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पैसा भी दूसरी सरकारी बैंकों में ट्रांसफर करवा दिया है।
हुड्डा ने कहा कि बैंक तो पूरी तरह से एक्टिव है और उसने अपने अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन हरियाणा सरकार ने किसी के खिलाफ एक्शन नहीं लिया। इस पर सीएम ने कह कि 4-5 दिन पहले ही जांच शुरू की जा चुकी है। एंटी करप्शन ब्यूरो जल्द ही जांच करके अपनी रिपोर्ट देगा। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की जांच और कार्रवाई को देखते हुए ही बैंक ने खुद को बचाने के लिए सेबी को पत्र लिखा है।
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