Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 06 Aug, 2026 07:27 PM

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में औद्योगिक और निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी एक बार फिर मजदूरों की जान पर भारी पड़ रही है। आईएमटी मानेसर और सेक्टर-83 में हुए दो अलग-अलग हादसों ने कंपनियों और ठेकेदारों की लापरवाही को उजागर कर दिया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): दिल्ली से सटे गुरुग्राम में औद्योगिक और निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी एक बार फिर मजदूरों की जान पर भारी पड़ रही है। आईएमटी मानेसर और सेक्टर-83 में हुए दो अलग-अलग हादसों ने कंपनियों और ठेकेदारों की लापरवाही को उजागर कर दिया है। बिना सेफ्टी गियर (सुरक्षा उपकरण) के काम कराने और निर्माण स्थलों पर लापरवाही बरतने के कारण हुए हादसो में पुलिस ने दो अलग-अलग थानों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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20 फीट की ऊंचाई से गिरे राजमिस्त्री की इलाज के दौरान मौत
शीतला कॉलोनी की रहने वाली प्रीति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता हजारी लाल राजमिस्त्री का काम करते थे। वह ठेकेदार के जरिए सेक्टर-सात स्थित एक कंपनी में काम कर रहे थे। 30 जुलाई को काम के दौरान हजारी लाल कंपनी में करीब 20 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे। संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद उन्हें सेक्टर-आठ स्थित निजी अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए और हालत बिगड़ने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। 30 जुलाई से दो अगस्त के बीच पुलिस कई बार बयान दर्ज करने अस्पताल पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने मरीज को अनफिट घोषित रखा। पांच अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतका की बेटी की शिकायत पर सेक्टर-सात आईएमटी थाना पुलिस ने ठेकेदार और कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।
7वीं मंजिल से गिरी सीमेंट की ईंट, मजदूर हुआ घायल
कन्नौज (उत्तर प्रदेश) की मूल निवासी और हाल सेक्टर-83 स्थित निजी कंपनी में रह रही पप्पी देवी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार उनके पति अवधेश कुमार 31 जुलाई 2026 को सेक्टर-83 स्थित ग्रुप कंपनी के प्रोजेक्ट पर ठेकेदार के अधीन मजदूरी का काम कर रहे थे। काम के दौरान निर्माणधीन इमारत की 7वीं मंजिल से अचानक सीमेंट की एक भारी ईंट सीधे अवधेश के ऊपर आ गिरी। ईंट लगने से अवधेश के सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल सिल्वर स्ट्रीक अस्पताल, सेक्टर-87 में भर्ती कराया गया। 31 जुलाई से 5 अगस्त तक लगातार डॉक्टरों ने मरीज की हालत को देखते हुए बयान के लिए अयोग्य करार दिया। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर खेड़की दौला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।