15 दिन में माफी मांगे DGP, थार मालिक ने भेजा नोटिस

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 26 Nov, 2025 01:44 PM

thar owner sends notice to dgp to apologise within 15 days

थार और बुलेट वाले गुंडे बदमाश हैं। डीजीपी के इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मची हुई है। 8 नवंबर को गुड़गांव में हुई पत्रकारवार्ता के दौरान डीजीपी ओ पी सिंह ने जब यह बयान दिया तो यह सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।

गुड़गांव, (ब्यूरो): थार और बुलेट वाले गुंडे बदमाश हैं। डीजीपी के इस बयान के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मची हुई है। 8 नवंबर को गुड़गांव में हुई पत्रकारवार्ता के दौरान डीजीपी ओ पी सिंह ने जब यह बयान दिया तो यह सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। अब डीजीपी का यह बयान उन्हें कोर्ट के रास्ते पर ले जा रहा है। गुड़गांव के एक व्यक्ति ने अपने एडवोकेट के माध्यम से डीजीपी को लीगल नोटिस भेजकर थार और बुलेट वालों पर दिए गए इस बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है। नोटिस के जरिए 15 दिन में सार्वजनिक रूप से डीजीपी को माफी मांगने के लिए कहा गया है। 

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दरअसल, गुड़गांव के सेक्टर-108 के रहने वाले सर्वो मित्रा ने अपने एडवोकेट वेदांत वर्मा के जरिए डीजीपी ओ पी सिंह को लीगल नाेटिस भेजा है। उन्होंने नोटिस के जरिए उन्होंने कहा कि है जनवरी 2023 में उन्होंने करीब 30 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च कर थार ली थी। मजबूत और ग्राउंड क्लीयरेंस अधिक होने के कारण यह गाड़ी उन्हें व उनकी फैमिली को ज्यादा पसंद है। ताकि लॉन्ग ड्राइव के दौरन उन्हें बेहतर महसूस हो सके। डीजीपी के बयान के बाद उन्हें हर जगह ताने सुनने को मिल रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि डीजीपी का थार और बुलेट को लेकर दिया गया बयान अपमानजनक और मजाक उड़ाने वाला और मानसिक रूप से अस्थिर बताने जैसा है। इस बयान के बाद यह सोशल मीडिया, न्यूज और डिजिटल प्लेटफार्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके कारण उन्हें रिश्तेदारों, पड़ोसियों और पहचान वालों के बीच शर्मिंदगी, मजाक और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।

 

सर्वो मित्रा ने नोटिस भेजकर यह भी कहा कि उनका एक बेटा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा बेटा नौकरी करता है। डीजीपी का बयान आने के बाद लोग उन्हें चिढ़ाने लगे हैं। डीजीपी का यह बयान थार खरीदने वाले लोगों को मानसिक रूप से कमजोर, घमंडी और गलत व्यवहार करने वाला बताता है जिससे उनकी छवि खराब हो रही है। यह उनकी मानहानि है जो कानूनन अपराध है। 

 

उन्होंने अपने अधिवक्ता वेदांत वर्मा के जरिए नोटिस भेजकर डीजीपी से मांग की है कि वह 15 दिन में लिखित बिना शर्त माफी मांगे और अपना बयान वापस लें। नहीं तो उनके खिलाफ वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू करेंगे। 

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