Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 06 Aug, 2026 09:38 PM

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, ग्रीन बेल्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर ली है।
गुड़गांव,(ब्यूरो): गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों, ग्रीन बेल्ट और अन्य सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए जल्द ही एक संयुक्त अभियान शुरू किया जाएगा।
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यह निर्णय वीरवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसमें सार्वजनिक भूमि को पुनः प्राप्त करने व अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाने की सहमति बनी। बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया , एचएसवीपी प्रशासक वैषाली सिंह, डीसीपी मुख्यालय अंशु सिंगला, जीएमडीए मुख्य अभियंता प्रवीण चौधरी, जिला नगर योजनाकार आर.एस. बाठ सहित जीएमडीए, एमसीजी, एचएसवीपी, यातायात पुलिस एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान के तहत सरकारी भूमि पर अस्थायी एवं स्थायी दोनों प्रकार के अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। इसमें सड़क अधिकार क्षेत्र, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियां शामिल होंगी। अवैध रूप से संचालित स्ट्रीट वेंडर, टिन शेड, पोर्टा केबिन, कियोस्क, टायर मरम्मत दुकानें एवं अन्य अनधिकृत संरचनाओं को हटाया जाएगा। बैठक के दौरान श्री मीणा ने जीएमडीए, एचएसवीपी और एमसीजी को संयुक्त रूप से उन स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए जहां वेंडरों एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सड़कें संकरी हो रही हैं और यातायात बाधित हो रहा है। यातायात पुलिस को भी ऐसे मार्गों की पहचान करने को कहा गया है, जहां अवैध रेहड़ी व सड़क किनारे दुकानें यातायात में बाधा उत्पन्न कर रही हैं, ताकि समन्वित कार्रवाई की जा सके।
इस अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों के जूनियर इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी एवं अस्थाई अतिक्रमणों की स्थानवार सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर भर में एक साथ कई एनफोर्समेंट टीमें तैनात की जाएंगी। जिनकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों के अधीन क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की होगी। अतिक्रमण हटाने से पहले समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से अवैध निर्माण हटाने का अवसर मिल सके। पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अंशु सिंगला ने आश्वासन दिया कि अभियान के दौरान पुलिस बल की पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक एनफोर्समेंट टीम के साथ पीसीआर वाहन एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रत्येक 40 किलोमीटर क्षेत्र के लिए जेसीबी, पिकअप वैन और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसी मशीनरी तैनात की गई है। साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) का गठन किया गया है, जो शिकायतों एवं नए अतिक्रमणों पर तुरंत कार्रवाई करेंगें।