Edited By Isha, Updated: 27 Feb, 2026 12:05 PM

आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी की आंच चंडीगढ़ नगर निगम तक पहुंचती दिख रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि पहले आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खा
चंडीगढ़: आईडीएफसी बैंक धोखाधड़ी की आंच चंडीगढ़ नगर निगम तक पहुंचती दिख रही है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि पहले आईडीएफसी बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों में जमा होती थी। मिशन अवधि समाप्त होने के बाद यह राशि नगर निगम चंडीगढ़ को हस्तांतरित कर दी गई थी।
धोखाधड़ी उजागर होने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने अपने खातों का विस्तृत मिलान शुरू किया है। ट्रांजेक्शन एंट्री और उपलब्ध शेष राशि की जांच के दौरान करीब 116 करोड़ रुपये के फंड में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक निगम की वित्त शाखा में तैनात एक अनुबंधित अकाउंटेंट इन दिनों संपर्क में नहीं है और उसका फोन बंद है। संबंधित कर्मचारी फंड के लेन-देन और खातों के संचालन से जुड़े कार्य देखता था। इससे संदेह और गहरा गया है। वहीं लेखा शाखा के कर्मचारियों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार फिलहाल विदेश दौरे पर हैं और शुक्रवार को लौटने के बाद पूरे मामले की समीक्षा बैठक होने की संभावना है। उधर, अकाउंट शाखा में देर रात तक फाइलें खंगाली जा रही हैं। पुरानी और नई सभी ट्रांजेक्शन का मिलान किया जा रहा है।