Edited By Harman, Updated: 23 Oct, 2026 02:22 PM

हिसार के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन लाल खीचड़ के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश में आंशिक बादलवाई रहने तथा कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने की संभावना है।
हिसार (विनोद सैनी) : हरियाणा में पिछले चार-पांच दिनों से मौसम आमतौर पर खुश्क बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन लाल खीचड़ के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते 25 और 26 अक्टूबर को प्रदेश में आंशिक बादलवाई रहने तथा कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी और हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं चलने के भी आसार हैं।
तापमान में आएगी गिरावट, सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड
डॉ. मदन लाल खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव आने के साथ तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। सुबह और शाम के समय ठंड का असर आगे भी बना रहेगा। हल्की बारिश होने की स्थिति में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
किसानों को फसलों की बिजाई में सावधानी बरतने की सलाह
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को खेती से जुड़े कार्य सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इन दिनों खेतों में फसलों की बिजाई का काम चल रहा है। ऐसे में किसानों को बिजाई करते समय बदलते मौसम का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
वहीं, अगेती धान की जो फसल पककर तैयार हो चुकी है, उसकी कटाई और कढ़ाई करते समय भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखना जरूरी है। किसानों को धान मंडी में ले जाते समय बारिश से बचाव के लिए तिरपाल आदि का उचित प्रबंध करने की सलाह दी गई है, ताकि फसल को भीगने से बचाया जा सके।
धूप निकलने के बाद करें नरमा-कपास की चुनाई
डॉ. खीचड़ ने नरमा और कपास उत्पादक किसानों को सलाह दी कि वे मौसम खुलने और धूप निकलने के बाद ही चुनाई का काम शुरू करें। इससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका कम की जा सकती है। उन्होंने बताया कि यदि प्रदेश में कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश होती है, तो इससे तापमान में गिरावट आएगी, जो फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।