भ्रष्टाचार पर ACB की 'सर्जिकल स्ट्राइक': 2026 में रिश्वत लेते पकड़े गए 172 आरोपी, देखें किस विभाग के कितने अफसर फंसे

Edited By Isha, Updated: 24 Oct, 2026 01:37 PM

acb surgical strike on corruption

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने वर्ष 2026 में ट्रैप केसों के मामले में पिछले 10 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। 21 अक्तूबर तक ब्यूरो ने कुल 171 ट्रैप केस दर्ज किए जो वर्ष 2016 के बाद किसी एक वर्ष में दर्ज सर्वाधिक...

चंडीगढ़ : हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने वर्ष 2026 में ट्रैप केसों के मामले में पिछले 10 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। 21 अक्तूबर तक ब्यूरो ने कुल 171 ट्रैप केस दर्ज किए जो वर्ष 2016 के बाद किसी एक वर्ष में दर्ज सर्वाधिक मामले हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में 170 ट्रैप केस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2026 अभी समाप्त नहीं हुआ है और अक्तूबर में ही यह आंकड़ा पिछले दशक के रिकार्ड से आगे निकल गया है।

 ब्यूरो अनुसार 1 जनवरी से 30 सितम्बर, 2026 तक अधिकारियों, कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ कुल 191 आपराधिक मुकद्दमे दर्ज किए गए। इनमें 155 ट्रैप केस शामिल हैं जिनमें 16 राजपत्रित अधिकारियों, 131 अराजपत्रित कर्मचारियों और 25 निजी व्यक्तियों समेत कुल 172 आरोपियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया। वर्ष 2026 में 30 सितम्बर तक ब्यूरो ने 88 नई जांचें दर्ज कीं। वहीं 15 सितम्बर तक उपलब्ध आंकड़ों अनुसार 61 जांचें पूरी की गई।

इनमें से 16 जांचों के आधार पर 74 राजपत्रित और 20 अराजपत्रित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके अलावा 10 जांचों में 7 राजपत्रित अधिकारियों, 16 अराजपत्रित कर्मचारियों और 40 निजी व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकद्दमा दर्ज करने की सिफारिश की गई। ब्यूरो के मुताबिक 1 जनवरी से 30 सितम्बर, 2026 तक उसके द्वारा दर्ज 21 आपराधिक मामलों में कुल 26 आरोपियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें 23 अधिकारी-कर्मचारी और 3 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

दोषसिद्ध अधिकारियों-कर्मचारियों में विद्युत विभाग के 5, पुलिस विभाग के 6, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 1, सिंचाई विभाग के 2, शिक्षा विभाग के 2, आबकारी एवं कराधान विभाग के 2, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 2, स्किल डिवैल्पमैंट विभाग के 1, हरियाणा वेयरहाऊस के 1 और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम का 1 अधिकारी-कर्मचारी शामिल है।

ए.सी.बी. प्रमुख डा. ए.एस. चावला ने कहा कि जो अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत के बिना जायज काम नहीं करते, लोगों को जानबूझ कर कार्यालयों के चक्कर कटवाते हैं या पद का दुरुपयोग कर उन्हें परेशान करते हैं, वे यह गलतफहमी न पालें कि कानून की पकड़ से बाहर हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। ट्रैप केसों में दशक का रिकार्ड टूटना भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।

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