Edited By Isha, Updated: 10 Jul, 2026 02:34 PM

बहादुरगढ़ के हिन्द केसरी सोनू पहलवान अखाड़े के पहलवानो ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती मंच पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। थाईलैंड के पटाया में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अखाड़े
बहादुरगढ़(प्रवीण कुमार धनखड़): बहादुरगढ़ के हिन्द केसरी सोनू पहलवान अखाड़े के पहलवानो ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती मंच पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। थाईलैंड के पटाया में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अखाड़े के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
हाल ही में संपन्न हुई जूनियर अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप में बहादुरगढ़ के होनहार पहलवान रोहित दलाल ने फ्री स्टाइल 57 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार तकनीक और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं, अंडर-15 वर्ग के 57 किलोग्राम भार वर्ग में नितेश ने शानदार मुकाबले खेलते हुए रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। यह प्रतियोगिता 29 जून से 6 जुलाई तक थाईलैंड के पटाया में आयोजित की गई।
अखाड़े के तीन अन्य पहलवान भी पदक के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन कांस्य पदक के मुकाबलों में बेहद करीबी अंतर से हार गए। हालांकि उनके प्रदर्शन की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।
भारतीय कुश्ती टीम के साथ बतौर कोच मौजूद अर्जुन अवार्डी धर्मेंद्र दलाल ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े के पहलवानों की कड़ी मेहनत अब लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंग ला रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी बहादुरगढ़ के पहलवान भारत के लिए पदक जीतेंगे। धर्मेंद्र दलाल ने ग्रीको-रोमन टीम के चीफ कोच के रूप में भी अहम भूमिका निभाई, जिसके नेतृत्व में भारतीय टीम ने चार पदक हासिल किए।
हिन्द केसरी सोनू पहलवान अखाड़ा पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान देश को दे चुका है। सुमित दलाल, रजत रूहल, रोहित, दीपक और दीक्षा दलाल जैसे पहलवान पहले भी भारत का परचम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लहरा चुके हैं।
अब अखाड़े के पहलवान सुमित दलाल, रजत रूहल और दीपक 13 जुलाई को आयोजित होने वाली वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में हिस्सा लेने के लिए रवाना होंगे। वहीं, दीक्षा दलाल इसी महीने होने वाली वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में भारत की ओर से पदक जीतने की चुनौती पेश करेंगी। अखाड़े को उम्मीद है कि वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में भी उसके पहलवान देश के लिए पदक जीतकर लौटेंगे।
अखाड़े की लगातार मिल रही इन सफलताओं से बहादुरगढ़ की पहचान देश के प्रमुख कुश्ती केंद्रों में लगातार मजबूत हो रही है। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्थानीय खेल प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता से लौटने पर अखाड़े में पहलवानों का फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। कोच, कुश्ती प्रेमियों और साथी खिलाड़ियों ने विजेता पहलवानों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।