Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 15 Oct, 2025 11:11 PM

साइबर ठगों के निशाने पर अब साइबर सिटी के बुजुर्ग आ गए हैं। ठगों ने एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाते हुए उनसे 2.68 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को पीड़ित के चचेरे भाई का बेटा बताकर अमेरिका से लौटने का बहाना बनाया और वीजा रद्द होने का झांसा देकर पूरी...
गुड़गांव, (ब्यूरो): साइबर ठगों के निशाने पर अब साइबर सिटी के बुजुर्ग आ गए हैं। ठगों ने एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाते हुए उनसे 2.68 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को पीड़ित के चचेरे भाई का बेटा बताकर अमेरिका से लौटने का बहाना बनाया और वीजा रद्द होने का झांसा देकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। साइबर थाना साउथ पुलिस ने केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर टच करें।
सेक्टर-59 निवासी रतन लाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 अक्टूबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को रतन लाल के चचेरे भाई का बेटा बताया, जो अमेरिका में रहता है। उसने कहा कि वह भारत आने वाला है और वीजा से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कुछ रुपये ट्रांसफर करने हैं। जालसाज ने रतन लाल से उनकी पत्नी के बैंक खाते का विवरण मांगा और कहा कि वह अमेरिकी खाते से रुपये भेज देगा। कुछ देर बाद पीड़ित के व्हाट्सएप पर अलग-अलग नंबरों से संदेश आने लगे। इनमें से एक व्हाट्सऐप मैसेज में एचएसबीसी बैंक की फर्जी ट्रांसफर स्लिप भेजी गई, जिसमें लिखा था कि अमेरिका से रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं और 24 घंटे में खाते में पहुंच जाएंगे।
ठग ने फिर कॉल की और कहा कि उसका वीजा रद्द होने की स्थिति में है और उसे तुरंत चंडीगढ़ स्थित एक एजेंट को 2.70 लाख रुपये देने हैं ताकि वीजा कैंसिल न हो। कुछ ही देर बाद एक अन्य व्यक्ति ने कॉल की और खुद को वीजा एजेंट बताते हुए अलग-अलग बैंक खातों में रुपये जमा कराने को कहा।
बुजुर्ग ने विश्वास कर ट्रांसफर किए 2.68 लाख रुपये रतन लाल ने जालसाजों की बातों पर विश्वास कर उनके बताए खातों में कई बार में कुल 2,68,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये भेजने के बाद एक जालसाज ने फोन कर बताया कि उसका वीजा रद्द हो गया है तथा ट्रांसफर किए गए रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। जब रतन लाल ने अपने बेटे और दामाद को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने तुरंत बताया कि यह साइबर ठगी का मामला है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।