Edited By Isha, Updated: 20 Mar, 2026 04:11 PM

सुप्रीम कोर्ट ने सांप के जहर मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 2023 में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी और उससे जुड़ी कार्यवाही को वीवार को रद्द कर दिया
डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने सांप के जहर मामले में यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 2023 में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी और उससे जुड़ी कार्यवाही को वीवार को रद्द कर दिया। यादव को नोएडा में रेव पार्टी में कथित तौर पर सांप के जहर का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शीर्ष अदालत ने कहा, मामला कानून की दृष्टि से टिक नहीं सकता है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मादक औषधि व मनोरोगी पदार्थ अधिनियम, 1985 की धारा 2(23) की प्रयोज्यता और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 55 के तहत कार्यवाही की वैधता का सवाल उठाया। हालांकि, सक्षम प्राधिकारी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 55 के तहत उचित शिकायत दर्ज करके कानून के अनुसार उचित कार्यवाही शुरू करने की छूट भी दी। यादव के खिलाफ मामला 22 नवंबर, 2023 को दर्ज किया था और उन्हें 17 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में आईपीसी के तहत लगाए गए अपराध गुरुग्राम में पहले दर्ज की गई एक एफआईआर पर आधारित हैं जिसमें क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। पीठ ने गौर किया कि यादव के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है, आरोपपत्र में सिर्फ यह कहा कि उसने अपने दोस्तों के माध्यम से मनोरंजन के उद्देश्य से सांप के जहर का ऑर्डर दिया था जो सह आरोपी हैं।