शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! तबादलों में मनमानी होगी खत्म, नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को जल्द मिल सकती मंजूरी

Edited By Harman, Updated: 17 Jun, 2026 06:42 PM

new teacher transfer policy likely to get approval soon

शिक्षा विभाग की ओर से नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की है। विभाग की ओर से पुरानी कई शर्तों को हटाते हुए तबादलों में मनमानी को खत्म करने की प्लानिंग तैयार की है। नई पॉलिसी में 120 अंकों की रैकिंग के आधार पर ट्रांसफर होगा।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : शिक्षा विभाग की ओर से नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की है। विभाग की ओर से पुरानी कई शर्तों को हटाते हुए तबादलों में मनमानी को खत्म करने की प्लानिंग तैयार की है। नई पॉलिसी में 120 अंकों की रैकिंग के आधार पर ट्रांसफर होगा। 

शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई नई ट्रांसफर पॉलिसी में तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें उम्र, अनुभव और विशेष श्रेणी है, जिसके आधार पर शिक्षकों का तबादला होगा। अनुभव और उम्र के 30-30 अंक मिलेंगी, जबकि विशेष श्रेणी के 60 अंक निर्धारित किए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि 22 जून को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी-2026 पर मंजूरी की मुहर लग सकती है। अभी हाल ही में, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने शिक्षा निदेशक को टीचरों के ट्रांसफर की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। शिक्षा निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया था कि ट्रांसफर पॉलिसी पूरी तरह तैयार है, मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलते ही शेड्यूल जारी किया जाएगा।

प्रस्तावित नीति के अनुसार कुल 120 अंकों में से 30 अंक आयु, 30 अंक कैडर अनुभव तथा 60 अंक विशेष श्रेणी (स्पेशल फैक्टर्स) के लिए निर्धारित किए गए हैं। आयु और अनुभव को 25-25 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी को 50 प्रतिशत वेटेज दिया गया है।

उम्र और अनुभव से बनेगी मेरिट

नई नीति में पहली बार अनुभव को तबादला प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। आयु के लिए शिक्षक की पात्रता तिथि तक की पूरी आयु की गणना की जाएगी। विशेष श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रावधान किया गया है। इनमें महिला शिक्षक, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही, विधवा अथवा सिंगल पैरेंट शिक्षिकाएं, कपल्स केस, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक या उनके आश्रित, दिव्यांग शिक्षक तथा दिव्यांग बच्चों वाले शिक्षक शामिल हैं। नई नीति में सिंगल पैरेंट शिक्षकों को विशेष राहत देते हुए 10 अतिरिक्त अंक देने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं दिव्यांग शिक्षकों के लिए भी नियमों को अधिक समावेशी बनाया गया है। अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी शिक्षक सुरक्षित श्रेणी के दायरे में आएंगे।

रिटायरमेंट के करीब शिक्षकों को भी राहत

सरकार ने सुरक्षित श्रेणी के प्रावधानों का विस्तार करते हुए सेवानिवृत्ति से पूर्व संरक्षण अवधि को 12 माह से बढ़ाकर 18 माह करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में 18 महीने या उससे कम समय शेष होगा, उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया से विशेष राहत मिल सकेगी। नई नीति में कुछ पुराने प्रावधानों को समाप्त भी किया गया है। 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को अब विशेष श्रेणी के अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। इसी प्रकार पुरुष शिक्षकों को केवल नाबालिग बच्चों अथवा अविवाहित बेटियों के आधार पर विशेष अंक नहीं दिए जाएंगे। कपल्स केस संबंधी नियमों में भी बदलाव किया गया है। इसका लाभ अब केवल नियमित (रेगुलर) शिक्षकों को ही मिलेगा। अनुबंध आधारित अथवा अन्य श्रेणी के कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं दी जाएगी।
 
 

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