हरियाणा शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, चाइल्ड केयर लीव के लिए अब DC की मंजूरी की जरूरत नहीं

Edited By Manisha rana, Updated: 24 Jun, 2026 08:43 AM

big decision of haryana education department

हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बाल देखभाल अवकाश (सी.सी.एल.) के लिए जिला उपायुक्त (डी.सी.) की अनुशंसा अनिवार्य करने वाला आदेश वापस ले लिया है।

चंडीगढ़ : हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बाल देखभाल अवकाश (सी.सी.एल.) के लिए जिला उपायुक्त (डी.सी.) की अनुशंसा अनिवार्य करने वाला आदेश वापस ले लिया है। अब सी.सी. एल. के आवेदन बिना डीसी की सिफारिश के ही नियमानुसार निपटाए जाएंगे। 

माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने सभी जिला अधिकारियों को जारी निर्देशों में 9 मार्च का विवादित आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की जानकारी दी। इससे अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया सरल होगी और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। हरियाणा स्कूल लैक्बरर एसोसिएशन (हसला) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से इस व्यवस्था का विरोध किया जा रहा था। 

संगठन ने उम्मीद जताई कि अब पी.जी.टी. से प्रिंसिपल पदोन्नति, 2016 से लंबित वरिष्ठता सूची और अन्य लंबित मामलों का भी जल्द समाधान होगा। विभाग ने यात्रा रियायत भत्ता (टी.ए.) और महंगाई भत्ता (डी.ए.) के नियमित भुगतान का प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेजा है। मंजूरी मिलने पर कर्मचारियों को इन भत्तों का भुगतान वेतन की तरह नियमित रूप से किया जाएगा।

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