पंजाब CM वीडियो विवाद मामले में बड़ा ट्विस्ट, 10 लाख देकर फर्जी रिपोर्ट बनवाने का आरोप, गुरुग्राम से 2 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Krishan Rana, Updated: 23 Jun, 2026 09:19 PM

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में बड़ा मोड़

​गुड़गांव (योगेश) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। गुरुग्राम पुलिस ने उस वीडियो को फर्जी बताकर क्लीन चिट देने वाले 2 लोगों को हिरासत में लेकर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी रूप ले लिया है।

जानकारी के अनुसार बेअदबी से जुड़े विवाद में CM मान के वीडियो को लेकर पंजाब पुलिस पर फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने का आरोप लगा है। आरोप है कि 10 लाख रुपये में फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट बनवाया गया।

बेअदबी से जुड़े एक विवादित वीडियो को लेकर अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि संबंधित वीडियो फर्जी हैं और इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए दो अलग-अलग एजेंसियों से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने जांच रिपोर्ट अकाल तख्त को भेजने की भी बात कही थी। 

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CM भगवंत मान के कथित वीडियो की फर्जी रिपोर्ट बनाने वाले दो फॉरेंसिक एक्सपर्ट हिरासत में लिए गए। गुरुग्राम पुलिस ने जसवीर नामक व्यक्ति की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित और अरुण के रूप में हुई है, जिनसे पुलिस फिलहाल इस मामले में गहन पूछताछ कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, अंकित एनआईए (NIA) में एक एड-हॉक कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर साइबर एक्सपर्ट के तौर पर काम करता है, जबकि अरुण पिछले 5 सालों से पंचकूला में परिवार पहचान पत्र विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत है।

​पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री का एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाने का है आरोप

​आरोपियों पर एक पड़ोसी राज्य के मुख्यमंत्री का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों का इस्तेमाल करके फर्जी डीपफेक वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने का आरोप है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पास इस तरह के डिजिटल काम के लिए कोई भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त या अधिकृत लैब मौजूद नहीं थी। वे बिना किसी वैध अनुमति के इस प्रकार की डिजिटल गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
 

​रिश्वत के रूप में ₹10 लाख के लेन-देन की भी हो रही है जांच

​इस पूरे मामले में ₹10 लाख की रिश्वत के लेन-देन की बात भी सामने आई है, जिसमें से ₹2.5 लाख एक बैंक खाते में और बाकी के ₹7.5 लाख दूसरे बैंक खाते में जमा कराए गए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो की असलियत जानने के लिए उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है और इस मामले में शामिल किसी 'बड़े साहब' की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े 39 सेकंड के कथित वीडियो को लेकर पंजाब में राजनीतिक और धार्मिक विवाद जारी है। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने पहले दो फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान नहीं है।  वहीं CM भगवंत मान को जब अकाल तख्त ने बुलाया था तो सीएम ने कहा था फेक वीडियो है। 2 अलग-अलग एजेंसियों से इसकी जांच करवाऊंगा।

दूसरी ओर, अकाल तख्त ने पूर्व में दो केंद्रीय फोरेंसिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए वीडियो को वास्तविक और एआई से तैयार नहीं बताया था। गुरुग्राम पुलिस ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया, डिजिटल साक्ष्यों या फोरेंसिक जांच को प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।

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