Edited By Isha, Updated: 24 Jun, 2026 12:45 PM

करीब 14 लाख रुपये की महिंद्रा एक्सयूवी-500 में निर्माण दोष का दावा कर वाहन बदलने और मुआवजे की मांग करने वाले उपभोक्ता को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने जिला उपभोक्ता
चंडीगढ़ः करीब 14 लाख रुपये की महिंद्रा एक्सयूवी-500 में निर्माण दोष का दावा कर वाहन बदलने और मुआवजे की मांग करने वाले उपभोक्ता को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। हाई कोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम, राज्य उपभोक्ता आयोग और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के फैसलों को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। यह फैसला जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने महेंद्र सिंह यादव की याचिका पर यह फैसला सुनाया है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसने अप्रैल 2012 में गुरुग्राम स्थित स्टर्लिंग मोटर्स से लगभग 14.11 लाख रुपये में महिंद्रा एक्सयूवी-500 खरीदी थी। वाहन की डिलीवरी मिलने के तुरंत बाद उसके इंजन से आवाज आने, दरवाजों के लॉक में खराबी, चलते समय दरवाजों के अपने आप खुलने, गियर बॉक्स और चेसिस से आवाज आने जैसी कई समस्याएं आने लगीं। एक घटना में कार की खिड़की अपने आप खुलने से पीछे से आ रहे मोटरसाइकिल चालक की टक्कर वाहन से हो गई। कार को नुकसान पहुंचा। अब अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी वाहन में निर्माण दोष साबित करने को तकनीकी विशेषज्ञ की रिपोर्ट जरूरी होती है।