HERC को मिली बड़ी आजादी, हरियाणा से बाहर भी हो सकेगी कर्मचारियों की ट्रांसफर...अब HPSC या HSSC की जरूरत नहीं

Edited By Isha, Updated: 11 Jun, 2026 02:59 PM

major autonomy for herc employees can now be transferred outside haryana

हरियाणा सरकार ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तों संबंधी विनियम-2022 को मंजूरी प्रदान कर दी है। नए नियम आयोग के ग्रुप ए, बी, सी और डी के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होंगे।

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तों संबंधी विनियम-2022 को मंजूरी प्रदान कर दी है। नए नियम आयोग के ग्रुप ए, बी, सी और डी के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होंगे। इनमें नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन, वरिष्ठता, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सेवा शर्ते व योग्यता संबंधी प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। नए नियमों के तहत आयोग की भर्तियां हरियाणा लोक ही सेवा आयोग या हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से नहीं होंगी। आयोग स्वयं विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा जिससे चयन की प्रक्रिया अब सीधे आयोग के नियंत्रण में होगी।
 
नियमों के तहत कर्मचारियों को राज्य के बाहर सेवा देने की अनुमति भी दी गई है। नियमों के अनुसार हो हरियाणा के भीतर ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी कर्मचारियों को तैनात किया जा सकता है। प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को तीन साल तक संतोषजनक सेवा देने पर स्थायी नियुक्ति का अवसर मिलेगा। आयोग में सचिव, निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, विधि अधिकारी, मीडिया उपनिदेशक, सहायक निदेशक, निजी सचिव, सम स्टेनोग्राफर, क्लर्क, चालक, चपरासी और प्रोसेस सर्वर सहित या कुल 75 स्वीकृत पद हैं। इसके शि अलावा कर्मचारियों के वेतन, मैं अवकाश, पेंशन और जि अनुशासनात्मक मामलों में हरियाणा ने सिविल सेवा नियम लागू होंगे।


क्लर्कों के लिए कंप्यूटर दक्षता परीक्षा पास करना अनिवार्य 
नए नियमों में क्लर्क और जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। अब वेतन वृद्धि पाने के लिए उन्हें कंप्यूटर दक्षता परीक्षा पास जाएगी। यह कदम आयोग ने कर्मचारियों की करना अनिवार्य होगा। यदि परीक्षा पास नहीं की जाती तो वेतन वृद्धि रोक दी दक्षता बढ़ाने के लिए उठाया है, लेकिन इसे सख्त नियम माना जा रहा है। नए पद और पदनामों में बदलाव भी किए गए हैं। आयोग ने मीडिया को संभालने के लिए डिप्टी डायरेक्टर (मीडिया) का नया पद बनाया है जिसके लिए पत्रकारिता या जनसंचार में मास्टर डिग्री और नौ औ साल का अनुभव जरूरी है। वहीं, क्लर्क-कम-कंप्यूटर ऑपरेटर अब केवल क्लर्क कहलाएगा जबकि कैशियर, केयरटेकर और असिस्टेंट लाइब्रेरियन को असिस्टेंट नाम दिया गया है। सचिव पद पर आईएएस या एचसीएस अधिकारियों की तैनाती का प्रावधान भी नियमों में शामिल किया गया है। पुराने कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान भी बनाए गए हैं ताकि नए नियमों से उन्हें कोई नुकसान न हो।
 

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