हरियाणा के 2808 प्राइवेट स्कूलों को मिलेगी राहत, सैनी सरकार ये काम करने पर कर रही विचार

Edited By Deepak Kumar, Updated: 21 Oct, 2025 01:17 PM

nayab government will provide relief to 2808 private schools in haryana

हरियाणा सरकार 2808 निजी स्कूलों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार स्कूल सोसाइटियों पर लगे जुर्मानों को माफ करने और अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार निजी स्कूलों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। राज्य सरकार स्कूल सोसाइटियों पर लगे जुर्मानों को माफ करने और अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में निजी स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर सीएम सैनी से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को 2808 निजी स्कूलों से जुड़ी समस्याओं और मांगों का ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।

एमआईएस पोर्टल खोलने की भी मांग

संघ के प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया और संरक्षक महावीर यादव ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख मांगों में एमआईएस पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई है, जिससे स्कूलों की तकनीकी व प्रशासनिक दिक्कतें दूर की जा सकें। साथ ही स्कूल सोसाइटियों पर लगे जुर्मानों को माफ करने और अस्थायी स्कूलों को वैधता प्रदान करने की अपील की गई।

चिराग, आरटीई व 134-A की राशि समय पर जारी करने की अपील

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से चिराग योजना, 134-A और आरटीई के तहत मिलने वाली राशि समय पर जारी करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त स्कूल बसों पर टैक्स खत्म करने, बसों की आयु सीमा बढ़ाने, स्कूलों में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देने और बिजली बिल को एनडीएस की बजाय डीएस कैटेगरी में लाने का आग्रह किया गया। इसके अलावा महापुरुषों की जयंती पर अवकाश देने या न देने का अधिकार स्कूलों को देने की भी मांग ज्ञापन में शामिल थी।

मुख्यमंत्री ने जताई सहानुभूति

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुधार और निजी स्कूलों के हितों को लेकर संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि स्कूलों पर लगे जुर्मानों की माफी और अस्थायी स्कूलों को विस्तार पत्र जारी करने का निर्णय शीघ्र लिया जाएगा। साथ ही अन्य लंबित मांगों पर भी रिपोर्ट तैयार कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!