नूंह में ACB का तगड़ा एक्शन, पोक्सो मामले में ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते मेडिकल ऑफिसर और सहायक दबोचे

Edited By Harman, Updated: 19 Aug, 2026 08:17 AM

medical officer and assistant caught accepting a bribe of 2 5 lakh in nuh

नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीरपाल और उनके सहायक मोनू को कथित तौर पर ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

नूंह ( अनिल मोहनिया) : नूंह जिले के पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फरीदाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल ऑफिसर डॉ. बीरपाल और उनके सहायक मोनू को कथित तौर पर ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पिनगवां थाने में दर्ज पोक्सो एक्ट के एक मामले में अनुकूल मेडिकल ओपिनियन देने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच शुरू की और शिकायत की पुष्टि के पश्चात जाल बिछाया। एसीबी इंस्पेक्टर बिजेंद्र के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पिनगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ही कथित रूप से रिश्वत लेते पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य केंद्र में हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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एसीबी की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी रिश्वत की मांग, मेडिकल ओपिनियन और पोक्सो मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हालांकि, पूरे मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पोक्सो जैसे संवेदनशील मामले में मेडिकल ओपिनियन को लेकर रिश्वत का आरोप सामने आने के बाद यह कार्रवाई गंभीर सवाल खड़े करती है। एसीबी की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कथित रिश्वत की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित की गई।

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