अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा : मनोहर लाल

Edited By Deeksha Gupta, Updated: 12 Oct, 2025 06:44 PM

manohar lal said india is moving rapidly towards global hub for green hydrogen

भारत ने विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों के लक्ष्य को हासिल कर  लिया गया है। अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : भारत ने विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों के लक्ष्य को हासिल कर  लिया गया है। अब भारत ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही, भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का भी लक्ष्य तय किया है। वैश्विक मंच पर भारत की ऊर्जा क्रांति और हरित विकास मॉडल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने दक्षिणी अफ्रीका में आयोजित जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक में प्रस्तुत किया। 

भारत की ओर से केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने दक्षिणी अफ्रीका के क्वाज़ुलु नटाल प्रांत के डर्बन शहर में आयोजित जी-20 ऊर्जा परिवर्तन मंत्री स्तरीय बैठक में देश की स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास में अग्रणी भूमिका को प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आज विश्व के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों के लिए है। उन्होंने कहा कि “आर्थिक स्थिरता, सतत विकास और ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जी-20 देशों को आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना से कार्य करना होगा।” मनोहर लाल ने आगामी “भारत ऊर्जा मंथन – ए ग्लोबल एनर्जी कॉन्क्लेव”, जो मार्च 2026 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने भारत के बायोफ्यूल कार्यक्रम की सफलता बारे अवगत कराते हुए स्पष्ट किया कि देश ने 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। “भारत आज ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें 32 देश और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। यह वैश्विक सहयोग हरित ऊर्जा के भविष्य को नई दिशा देगा।”

कार्बन क्रेडिट बाजार में भारत का आमंत्रण

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत ने अपना कार्बन क्रेडिट बाजार तैयार किया है, जिसमें वैश्विक निवेश और सहभागिता के लिए आमंत्रण दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य उत्सर्जन में कमी लाना और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है। मनोहर लाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक दुष्प्रभाव विकासशील देशों पर पड़ता है, इसलिए आवश्यक है कि जलवायु सुरक्षासुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पेरिस समझौते के तहत जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की आवश्यकता दोहराई।

मिशन लाइफ और अफ्रीका मिशन-300

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ मिशन लाइफ की भी चर्चा की, जो व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने का वैश्विक अभियान है। अफ्रीकी देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने अफ्रीका मिशन-300 के प्रति भारत के समर्थन की घोषणा की जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकी नागरिकों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराना है। मनोहर लाल ने सभी देशों से सशक्त, सतत और न्यायसंगत ऊर्जा तंत्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
 

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