Edited By Yakeen Kumar, Updated: 05 Jan, 2026 08:32 PM

यमुनानगर में बहुचर्चित धान घोटाले को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रितिका सिंघला के खिलाफ लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए यमुनानगर में स्थित उनकी संपत्तियों को अटैच कर लिया गया है।
यमुनानगर (सरेंद्र मेहता) : यमुनानगर में बहुचर्चित धान घोटाले को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रितिका सिंघला के खिलाफ लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए यमुनानगर में स्थित उनकी संपत्तियों को अटैच कर लिया गया है। फिलहाल पूरा मामला एसआईटी के पास है, जो हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। इस मामले में मुख्य आरोपी संदीप सिंघला को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, प्रशासन ने अब इस घोटाले से जुड़ी संपत्तियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि एक ही परिसर में 4 राइस मिलें संचालित हो रही थीं, जबकि कागजों में स्थिति कुछ और ही दर्शाई गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा खेल संभव नहीं था। इसी वजह से अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन पर संदेह है।
खाद्य एवं पूर्ति विभाग अधिकारी ने बताया कि एमएस वर्ष 2024–2025 के दौरान न्यू किसान राइस मिल द्वारा फूड सप्लाई विभाग में करीब 2 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट किया गया था। इस मामले में मिल मालिक की जमीन, मकान और राइस मिल को पहले ही कुर्क किया जा चुका है। विभाग के पास इस संपत्ति से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड मौजूद है।
डिमार्केशन की प्रक्रिया शुरू

अब प्रशासन की अगली कार्रवाई प्रॉपर्टी की पोजेशन लेने को लेकर है। लेकिन इससे पहले यह तय किया जा रहा है कि संपत्ति की सीमाएं कहां तक हैं और कितना क्षेत्र विभाग के अंतर्गत आता है। इसके लिए मौके पर डिमार्केशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि मिल मालिक की ओनरशिप स्पष्ट हो सके।
हैफेड विभाग ने रिकवरी शुरू की
जांच में यह भी सामने आया है कि मिल मालिक की एक और राइस मिल किसान राइस मिल के नाम से है, जो हैफेड के अंतर्गत आती है। दोनों मिलें आपस में बिल्कुल साथ-साथ स्थित हैं और दोनों में ही डिफॉल्ट हुआ है। हैफेड विभाग ने भी अपनी रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस बल मौके पर तैनात

डिमार्केशन के दौरान फूड सप्लाई विभाग के 2 इंस्पेक्टर, अकाउंट्स से जुड़ा एक कर्मचारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल मौके पर मौजूद है। प्रशासन का साफ कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)