जाट आंदोलन आगजनी मामले में बड़ा फैसला, कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के सभी 56 आरोपी बरी...

Edited By Isha, Updated: 27 Feb, 2026 05:59 PM

all 56 accused of burning captain abhimanyu s house acquitted

हरियाणा में साल 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित घर (कोठी) में आगजनी के मामले में आज पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुना दिया

पंचकूला (उमंग): हरियाणा में साल 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के रोहतक स्थित घर (कोठी) में आगजनी के मामले में आज पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने इस मामले में नामजद सभी 56 जीवित आरोपियों को बरी कर दिया है। बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसे न्याय की जीत बताया है।

क्या था पूरा मामला?
फरवरी 2016 में हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था। इसी दौरान रोहतक में भाजपा के कद्दावर नेता और तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया था। आरोप था कि भीड़ ने न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि कोठी को आग के हवाले भी कर दिया था। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को सौंपी गई थी।

60 लोगों पर दर्ज था केस, 3 की हो चुकी है मौत
सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 60 लोगों को आरोपी बनाया था। मामले की लंबी सुनवाई के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए। ट्रायल के दौरान आरोपी विजेंद्र, प्रदीप और सुमित की मृत्यु हो गई थी।एक अन्य आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा को अदालत द्वारा पहले ही भगोड़ा (PO) घोषित किया जा चुका है। वहीं आज कोर्ट ने सबूतों के अभाव और कानूनी तर्कों के आधार पर शेष 56 लोगों को दोषमुक्त करार दिया।


यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो पिछले कई सालों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से जुड़े कई मामलों में यह सबसे प्रमुख केस था, जिसकी निगरानी खुद केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां कर रही थीं।
 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!