जाट नेता सांगवान गिरफ्तार, शहीद राव तुलाराम के बारे में की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

Edited By vinod kumar, Updated: 24 Jul, 2020 06:21 PM

शहीद राव तुलाराम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर गुरुग्राम पुलिस ने जाट नेता हवा सिंह सांगवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सांगवान के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने को लेकर धारा 153 A, 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया है।

चंडीगढ़/गुरुग्राम/महेन्द्रगढ़ (धरणी/मोहित/प्रदीप बालरोडिया): शहीद राव तुलाराम के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर गुरुग्राम पुलिस ने जाट नेता हवा सिंह सांगवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सांगवान के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने को लेकर धारा 153 A, 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया है।

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जानकारी के मुताबिक स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसको लेकर गुरुग्राम के खेड़की दौला पुलिस स्टेशन में हवा सिंह सागवान के खिलाफ शिकायत दी गई थी। उन्होंने पोस्ट में राव तुलाराम को कायर व भगोड़ा बताया था। 

यादव सभा ने की थी कार्रवाई की मांग
महेन्द्रगढ़ में यादव सभा ने यादव धर्मशाला में बैठक कर सोशल मीडिया पर हवा सिंह सांगवान द्वारा प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी अमर शहीद राजा राव तुलाराम के बारे आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर रोष जताया था। सभा ने हवा सिंह सांगवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

यादव सभा के प्रधान डॉ प्रेमराज यादव ने बताया कि हवा सिंह सांगवान, जोकि सीआरपीएफ के रिटायर्ड कमांडेंट हैं, ने भारत माता के वीर सपूत एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी शहीद राजा राव तुलाराम को अपनी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कायर व भगोड़ा बताकर अपनी ओच्छी मानसिकता का परिचय दिया है। जिसकी यादव सभा, महेंद्रगढ़ कटु भर्त्सना करती है तथा हवा सिंह सांगवान पर मानहानि का दावा डालने की चेतावनी देती है।

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उन्होंने कहा कि हवा सिंह सांगवान जैसे ओच्छी मानसिकता व भाईचारे के दुश्मन को इतिहास की जानकारी नहीं है जबकि राव तुलाराम की अगुवाई में 1857 की क्रांति के दौरान नसीबपुर (नारनौल) के मैदान में क्षेत्र के 5000 योद्धाओं ने अपनी कुर्बानी दी थी, जो कि महाभारत के युद्ध के उपरांत अकेला ऐसा उदाहरण है। जबकि उसी समय कुछ गद्दारों ने अंग्रेजों का साथ देकर इस संग्राम को विफल कर दिया था।

डॉ प्रेमराज ने कहा कि जहां तक अंग्रेजों द्वारा अहीर रेजिमेंट नहीं बनाने का सवाल है तो उसका कारण इस कौम का उद्देश्य अंग्रेजों से टक्कर लेकर देश आजाद कराना था और अहीर कौम जोकि एक मार्शल कौम है जिन्होंने शक्तिशाली होने के कारण अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार नहीं की थी और इतिहास गवाह है कि देश की खातिर बलिदान देने में इस कौम के वीर सदैव अग्रणी रहे हैं।

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