Edited By Isha, Updated: 18 Jan, 2026 11:57 AM

हरियाणा में लागू विभिन्न सरकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य योजनाओं ने राज्य के जन स्वास्थ्य परिदृश्य को नई दिशा दी है। सीएम ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा के 45 लाख से अधिक पात्र परिवार पांच लाख रुपए तक का कैशलेस इंडोर इलाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।
चंडीगढ़: हरियाणा में लागू विभिन्न सरकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य योजनाओं ने राज्य के जन स्वास्थ्य परिदृश्य को नई दिशा दी है। सीएम ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा के 45 लाख से अधिक पात्र परिवार पांच लाख रुपए तक का कैशलेस इंडोर इलाज मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।
23 सितंबर 2018 से लागू आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना मानी जाती है। इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सरकारी खर्च पर पांच लाख रुपए तक का मेडिकल कवर मिलता है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। योजना में 27 विशेषज्ञ सर्जरी, मेडिकल व डे-केयर सहित कुल 2694 ट्रीटमेंट पैकेज शामिल हैं।
21 नवंबर 2022 को हरियाणा सरकार ने 'चिरायु' योजना के माध्यम से एबीपीएमजेएवाई का और विस्तार किया।वहीं, चिरायु के तहत इलाज का 100 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन करती है, जिसके लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 700 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
7 जून 2024 से लागू कंप्रहेंसिव कैशलेस हेल्थ फैसिलिटी (सीसीएचएफ) योजना के तहत 448 अस्पताल पैनल में शामिल हैं। इसमें 85583 सरकारी कर्मचारी और 28274 पेंशनर्स को कार्ड जारी किए गए हैं। पीएमजेएवाई अब 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी उपलब्ध है। राज्य में 1546121 परिवारों में कम से कम एक वरिष्ठ नागरिक शामिल है। कुल मिलाकर हरियाणा में अब तक 13465118 आयुष्मान कार्ड, 9608948 चिरायु कार्ड और 13503 विस्तारित चिरायु कार्ड जारी हो चुके हैं, जबकि 3653 करोड़ रुपए से अधिक के क्लेम का भुगतान किया जा चुका है।
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट के अनुसार योजना का दायरा एक लाख 80 हजार से बढ़ाकर तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों तक किया गया है, जिसके लिए मात्र 1500 रुपए का योगदान तय किया गया। इसके तहत अब तक 13503 कार्ड जारी किए जा चुके हैं।