Edited By Yakeen Kumar, Updated: 17 Jan, 2026 05:12 PM

हरियाणा सरकार गांवों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश में 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार गांवों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश में 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसके तहत 111 गांवों में एक-एक स्मार्ट गली का निर्माण किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक बनाना है।
मुख्यालय स्तर से सभी जिलों के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसी मुख्य गलियों की पहचान करें, जहां आना-जाना सबसे अधिक रहता हो और गली की चौड़ाई सही हो। चयनित गलियों को आधुनिक डिजाइन में विकसित किया जाएगा, ताकि वे मॉडल गली के रूप में प्रस्तुत हो सकें।
स्मार्ट गलियों में होंगी ये सुविधाऐं
स्मार्ट गलियों में आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग, पैदल चलने के लिए फुटपाथ, हरियाली के लिए पौधे, आकर्षक पेवर ब्लॉक, बेहतर नाली व सीवरेज व्यवस्था की जाएगी। गलियों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि वे न केवल सुविधाजनक हों, बल्कि देखने में भी आकर्षक लगें। विभागीय अधिकारी वर्तमान में गांवों में इन गलियों के चयन की प्रक्रिया में जुटे गए हैं।
इन 2 जिलों होंगी सबसे अधिक स्मार्ट गलियां
सबसे अधिक स्मार्ट गलियों का निर्माण कैथल जिले में 13 और हिसार में 12 गांवों में होगा। इसके बाद नूंह में 12, पलवल में 10, करनाल में 9, भिवानी में 8, फतेहाबाद और जींद में 7-7 गांव शामिल हैं। झज्जर में 5, फरीदाबाद, पानीपत और रोहतक में 4-4, सिरसा में 3 तथा चरखी दादरी, पंचकूला, सोनीपत और यमुनानगर में 2-2 गांवों को योजना में शामिल किया गया है। वहीं अंबाला, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 1-1 गांव में स्मार्ट गली बनाई जाएगी।
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