गुरुग्राम सहित उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों ने किया अपराध रोकने पर मंथन

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 Nov, 2025 08:17 PM

inter state coordination meeting held at police commissioner office

संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में एक उच्च स्तरीय इंटरस्टेट कॉर्डिनेशन मीटिंग आयोजित की गई।

गुड़गांव, (ब्यूरो): संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में एक उच्च स्तरीय इंटरस्टेट कॉर्डिनेशन मीटिंग आयोजित की गई। यह महत्वपूर्ण बैठक पुलिस आयुक्त गुरुग्राम विकास अरोड़ा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), स्पेशल सेल और विभिन्न क्राईम टीमों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। 

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बैठक का मुख्य फोकस सक्रिय गैंगस्टरों, उनके अपराध करने के तरीके, अवैध हथियारों की सप्लाई और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही करने पर रहा। इसका प्राथमिक लक्ष्य राज्यों के बीच अपराध-नियंत्रण से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित कर आपसी समन्वय को मजबूत बनाना था, ताकि संगठित अपराधों के खिलाफ एक संयुक्त और मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।

 

विभिन्न राज्यों से उपस्थित आए अधिकारियों के साथ इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य संगठित अपराधों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना था। सबसे पहले अंतरराज्यीय अपराधियों की पहचान एवं निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके तहत राज्यों के बीच सक्रिय कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों और फरार आरोपियों की सूची, उनके वर्तमान लोकेशन, मूवमेंट पैटर्न, वित्तीय स्रोतों और नेटवर्क की नवीनतम जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही उच्च-जोखिम वाले अपराधियों के तकनीकी सर्विलांस और उनके डिजिटल फुटप्रिंट की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

 

बैठक में अवैध गतिविधियों की सप्लाई चेन को ध्वस्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें देश के अंदर और बाहर से हो रही अवैध हथियारों की तस्करी के स्रोत, मार्ग, आपूर्तिकर्ताओं और अवैध फैक्ट्रियों की जानकारी साझा करके उन पर तत्काल कार्यवाही करने की रणनीति बनी। इसी तरह नशा तस्करी पर निर्णायक प्रहार करने के लिए भी संकल्प लिया गया, जिसके तहत अंतरराज्यीय गिरोहों, कैरियर्स, ट्रांजिट पॉइंट्स, स्टोरेज लोकेशन और फाइनेंसरों की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर आपस में साझा करने पर सहमति बनी। अधिकारियों ने गैंगस्टरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नए तरीकों जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी, वर्चुअल नंबरों का उपयोग, क्रिप्टोकरेंसी आधारित लेन-देन और विदेश से ऑपरेट होने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भी सुझाव लिए और उन्हें लागू करने की योजना बनाई। संयुक्त ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए सभी राज्यों के बीच त्वरित सूचना साझेदारी हेतु एक संरचित और समयबद्ध प्रोटोकॉल पर भी सहमति बनी। सभी राज्यों ने भविष्य में भी ऐसी बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने और इंटरस्टेट कोऑर्डिनेशन को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर सहमति जताई। 

 

बैठक में हरियाणा से सतीश बालन आईजी एसटीएफ, वसीम अकरम एसपी एसटीएफ, अमित दहिया डीसीपी अपराध झज्जर, राजपाल एसीपी अपराध सोनीपत, दिल्ली से संजीव कुमार यादव डीसीपी अपराध,हर्ष इंदौरा डीसीपी अपराध, अमित गोयल डीसीपी दक्षिण, श्री कृष्ण कुमार स्पेशल सेल,उत्तर प्रदेश से राजकुमार मिश्रा एसटीएफ नोएडा, बृजेश अतिरिक्त एसपी मेरठ और राजस्थान से सुनील जांगिड़ (एसटीएफ) सहित गुरुग्राम पुलिस के सभी पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त क्राईम, अपराध शाखाओं के इंचार्ज तथा विभिन्न जिलों के अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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