उप-चुनाव में सत्ता और विपक्ष दोनों की अग्निपरीक्षा

Edited By Deepak Paul, Updated: 17 Jan, 2019 11:22 AM

in the bye election the trials of both the power and the opposition

जींद उप-चुनाव दिन-प्रतिदिन रोमांचक होता जा रहा है। यह उप-चुनाव प्रदेश की राजनीति का सैमीफाइनल माना जा रहा है। इसी साल लोकसभा व विधानसभा के आम चुनाव होने हैं...

जींद (महिपाल सिंह): जींद उप-चुनाव दिन-प्रतिदिन रोमांचक होता जा रहा है। यह उप-चुनाव प्रदेश की राजनीति का सैमीफाइनल माना जा रहा है। इसी साल लोकसभा व विधानसभा के आम चुनाव होने हैं। जींद विधानसभा उप-चुनाव के परिणाम का सीधा असर लोकसभा तथा विधानसभा के आम चुनाव पर पड़ेगा इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी ताकत दिखाने के लिए राजनीतिक दिग्गजों को चुनावी दंगल में उतारा है। सभी पार्टियों के दिग्गज नेता व कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुटे हैं। इस उप-चुनाव में सत्तारूढ़ दल भाजपा से लेकर सभी दलों के बड़े नेताओं की अग्र्रिपरीक्षा होगी।

इन नेताओं को जींद उप-चुनाव में खुद के साथ-साथ अपनी पार्टी को भी साबित करना होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला,जे.जे.पी. के सांसद दुष्यंत चौटाला, कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सुर्जेवाला व जींद के चुनावी दंगल में सुर्जेवाला की मदद में उतरे तमाम दिग्गज कांग्रेसियों और लो.सु.पा. के राजकुमार सैनी की अग्रिपरीक्षा जींद के मतदाता लेंगे। इन तमाम बड़े नेताओं के सामने चुनौती अपने-अपने दल के उम्मीदवारों को उप-चुनाव में विजयी बनाने की है।

जाहिर सी बात है कि इनमें से केवल एक की प्रतिष्ठा बचेगी और बाकी को हार का सामना करना पड़ेगा। यही कारण है कि जींद के चुनावी दंगल में अब आने वाले 5 दिनों में ये तमाम दिग्गज नेता जींद की खाक छानते नजर आएंगे। इनमें से जींद के मतदाता किसका साथ इस अग्रिपरीक्षा में देते हैं इसका पता 31 जनवरी को मतगणना के बाद चलेगा।

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