फ़र्जी मार्कशीट मामले में सरपंच पर केस, चुनावी हलफनामे ने खोल दी पोल, 2-2 मार्कशीट बनवाई

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 16 Jan, 2026 10:06 PM

sarpanch booked in fake marksheet case electoral affidavit exposed fraud

पानीपत जिले के गांव चुलकाना के सरपंच सतीश कुमार पर दसवीं क्लास की 2 अलग-अलग मार्कशीट पर चुनाव लड़ने और सरकारी लाभ लेने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला उस समय सामने आया जब सीएम विंडो में शिकायत दी गई।

समालखा (विनोद) : पानीपत जिले के गांव चुलकाना के सरपंच सतीश कुमार पर दसवीं क्लास की 2 अलग-अलग मार्कशीट पर चुनाव लड़ने और सरकारी लाभ लेने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला उस समय सामने आया जब सीएम विंडो में शिकायत दी गई। जांच के दौरान उनके चुनावी हलफनामों और शैक्षणिक डॉक्यूमेंट्स में कमी पाई गई। पुलिस ने इस संबंध में सरपंच के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत में चुलकाना निवासी ऋषिपाल सैनी ने बताया कि सतीश कुमार के पास एक ही शिक्षा बोर्ड से जारी दसवीं कक्षा की 2 अलग-अलग मार्कशीट हैं। दोनों दस्तावेजों में न केवल पास होने का साल अलग है, बल्कि जन्मतिथि में भी लगभग 11 सालों का अंतर है। पहली मार्कशीट वर्ष 2004 की बताई जा रही है, जिसमें जन्मतिथि 2 मार्च 1984 दर्ज है, जबकि दूसरी मार्कशीट साल 2018 की है, जिसमें जन्मतिथि 5 मई 1973 लिखा हुआ है। पिता के नाम में भी अंतर पाया गया है।

मार्कशीट में अंतर 

पहली मार्कशीट साल 2004 की है, जिसमें जन्मतिथि 2 मार्च 1984 है और पिता का नाम मांगेराम लिखा है। वहीं, दूसरी मार्कशीट साल 2018 की है, जिसमें जन्मतिथि 5 मई 1973 है और पिता का नाम मंगा राम लिखा है।

चुनाव आयोग को गुमराह करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच ने अपनी सुविधा के अनुसार उम्र और व्यक्तिगत विवरण बदलकर प्रशासन और निर्वाचन प्रक्रिया को गुमराह किया। मामले में सबसे अहम बात तब सामने आया जब उनके चुनावी हलफनामों की जांच की गई। 

2016 और 2022 में लड़ा था चुनाव

सतीश कुमार ने 2016 और 2022 में सरपंच पद का चुनाव लड़ा था। वर्ष 2022 के हलफनामे में उन्होंने खुद को 2018 में दसवीं पास बताया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि वह 2018 में ही दसवीं पास हुए, तो 2016 में चुनाव लड़ने के योग्य कैसे हुए, जबकि उस समय भी दसवीं पास होना जरूरी था। 

शिकायतकर्ता की मांग

इस मामले में शिकायतकर्ता ऋषिपाल सैनी ने मांग की है कि दोनों शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की वैधता रद्द की जाए और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप में सरपंच को पद से हटाया जाए।

सरपंच सतीश कुमार की सफाई

गांव चुलकाना का सरपंच सतीश, जिनकी 10वीं कक्षा की दो मार्कशीट बनवाई हुई है। - Dainik Bhaskar

वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरपंच सतीश कुमार ने कहा कि 2016 में दी गई मार्कशीट में उनकी जन्मतिथि गलत दर्ज थी। उसी त्रुटि को सुधारने के लिए उन्होंने 2018 में पुनः परीक्षा दी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 1973 है और उन्होंने किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा नहीं किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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