Edited By Yakeen Kumar, Updated: 22 Jan, 2026 09:47 PM

हरियाणा में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर की मौत के बाद आर्थिक तंगी के चलते उसका शव कई घंटों तक घर में ही पड़ा रहा, क्योंकि परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक संसाधन तक नहीं थे।
समालखा (विनोद लाहोट) : समालखा की शिव कॉलोनी में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर की मौत के बाद आर्थिक तंगी के चलते उसका शव कई घंटों तक घर में ही पड़ा रहा, क्योंकि परिवार के पास अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक संसाधन तक नहीं थे।
जानकारी के अनुसार शिव कॉलोनी निवासी मनोज की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। मृतक के परिवार में बुजुर्ग मां, पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। गरीबी और आर्थिक संकट के कारण परिवार कफन और अंतिम संस्कार का सामान तक नहीं खरीद सका, जिस कारण शव को घर में ही रखना पड़ा।
पीड़ित परिवार ने कॉलोनी के कई लोगों से सहायता मांगी, लेकिन कहीं से कोई सहयोग नहीं मिला। मानवता उस समय शर्मसार हो गई जब जरूरत के इस कठिन क्षण में भी कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।
विधायक की मदद से हुआ अंतिम संस्कार
हालात बिगड़ते देख कॉलोनी के कुछ जागरूक लोग आगे आए जिनमे सावित्री, रीटा, संतोष, कविता और पवन कटारिया ने मृतक मनोज के बच्चों को साथ लेकर समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना के करहंस स्थित निवास पर पहुंचकर मामले की जानकारी विधायक के निजी सचिव शारीक को दी। इस पर उन्होंने तुरंत संपूर्ण आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। इसके बाद जाकर मजदूर के शव का अंतिम संस्कार संभव हो सका।

इस संबंध में विधायक मनमोहन भड़ाना ने कहा कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक मजबूरी के कारण अंतिम संस्कार जैसे संस्कार से वंचित नहीं रहना चाहिए।
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