कालका-पिंजौर नगर परिषद बनाने की रिपोर्ट पर लगी रोक को हाईकोर्ट ने हटाया

Edited By Shivam, Updated: 03 Feb, 2020 08:42 PM

high court lifts ban on report of kalka pinjore city council

चंडीगढ़ से सटे हरियाणा के शहर पंचकूला के नगर निगम का विभाजन कर कालका और पिंजौर को मिलाकर नगर परिषद बनाने की अम्बाला के मंडलायुक्त की रिपोर्ट पर जारी स्थगन आदेश पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को हटा दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को...

चंडीगढ़ (धरणी): चंडीगढ़ से सटे हरियाणा के शहर पंचकूला के नगर निगम का विभाजन कर कालका और पिंजौर को मिलाकर नगर परिषद बनाने की अम्बाला के मंडलायुक्त की रिपोर्ट पर जारी स्थगन आदेश पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को हटा दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश भी दिया है कि वह अम्बाला के मंडलायुक्त की इस रिपोर्ट पर आगामी छह माह में फैसला करे।

पिंजौर से पंचकूला नगर निगम के पार्षद सतिंदर सिंह सैनी की याचिका पर हाईकोर्ट ने अम्बाला के मंडलायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार कोई कदम उठाने पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के साथ ही पंचकूला नगर निगम के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। पंचकूला नगर निगम के चुनाव वर्ष 2013 में कराए गए थे। चुने गए बोर्ड का कार्यकाल जुलाई 2018 में समाप्त हो गया था। तब से निगम के आयुक्त ही प्रशासक नियुक्त है।

अब राज्य सरकार अम्बाला के मंडलायुक्त की रिपोर्ट के अनुसार कालका और पिंजौर को मिलाकर नगर परिषद के गठन का फैसला कर सकेगी। सारी प्रक्रिया में करीब छह माह का समय लगने की संभावना है। इसको देखते हुए इस साल के अंत तक पंचकूला नगर निगम के चुनाव कराए जा सकते है।

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